
जमशेदपुर : जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित आंध्र भक्त श्रीराम मन्दिरम में शुक्रवार को भगवान के दैनिक भोग और प्रसाद बनाने हेतु पुराने जीर्ण रसोई को नए रूप में तिरुपति में स्थित बालाजी मंदिर की तर्ज पर पूर्ण दक्षिण भारतीय परंपरा के अनुरूप साफ सफाई एवं प्रसाद की गुणवत्ता को शुद्ध एवं उत्कृष्ट बनाये रखने का प्रबंध करते हुए मार्बल, टाइल्स, लगाकर जीर्णोद्धार कार्य समपन्न होने के बाद वेद पुरोहित संतोष जी, वेद पंडित कोंडमाचारुलु जी एवं वेद पंडित शेषाद्रि जी के गुंजायमान मंत्रों के बीच सत्यनारायण भगवान की तस्वीर के समक्ष द्वीप प्रज्वलित कर, कलश स्थापना कर पूजा अर्चना कर विधिवत उदघाटन कर समर्पित की गई. मंदिरम के अध्यक्ष वीडी गोपाल एवं महासचिव दुर्गा प्रसाद ने बताया कि पहले से बने रसोईघर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी थी एवं कमरा छोटा भी था. अभी उसी स्थान में स्थित एक कुएं को बंद कर एक नई जगह पर नए कुए का निर्माण किया गया है एवं सनातन धर्म अनुसार वैष्णव संप्रदाय के प्रसाद के लिए एवं शैव सम्प्रदाय के लिये अलग-अलग रसोई का निर्माण किया गया है. इससे शिव मंदिर के सभी प्रसाद मंदिर के पुरोहित के संतोष कुमार एवं श्री राम, श्री कृष्ण एवम श्री वेंकेटेश्वर बालाजी के सभी प्रसाद पुरोहित सी शेषाद्रि एवम श्री कोंडामचारी द्वारा अलग-अलग रसोईघर में बनाया जाएगा. इस रसोई घर के निर्माण में मुख्यतः एडीएल सोसाइटी, वी राजशेखर (यूएसए), वी पार्थसारथी (लंदन), बाला गणपति विलास, पी सिम्हाद्री, बुल्लन यादव, लकी स्टील आदि द्वारा सहयोग मिला. उदघाटन समारोह में मन्दिरम के सबसे बुजुर्ग सदस्य टी आदिनारायण के साथ एडीएल सोसाइटी के महामंत्री मज्जी रवि अपने टीम के सदस्यों के साथ, बाला गणपति विलास के अध्यक्ष एम कनका राव, महामंत्री गणपत राव, पी सिम्हाद्री के साथ मन्दिरम कमिटी के अध्यक्ष वीडी गोपाल कृषणा, उपाध्यक्ष चिग़ुला रमना राव, वाई श्रीनिवास राव, सह सचिव पी प्रभाकर राव, सहायक सचिव कुटूर श्रीनिवास, नागेश गोकले, बल्ला श्रीनिवास, बी विजय कुमार एवम कार्यकारिणी सदस्य उपस्थित थे. इस बात की जानकारी उपाध्यक्ष जम्मी भास्कर ने देते हुए बताया कि नैवेद्ध शाला के जीर्णोद्धार से जमशेदपुर के तेलुगु समाज सहित सभी भक्तजनों ने प्रशंसा करते हुए हर्ष व्यक्त किया है. आने वाले दिनों में भी कमिटी द्वारा मंदिर के विकास कार्य अनवरत जारी रहेंगे.







