
जमशेदपुर : पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने धालभूम के अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा उन्हें लिखे गये एक पत्र के जवाब में कहा है कि सूर्य मंदिर कमिटी कोविड-19 के मार्गदर्शन का पालन करने को प्रतिबद्ध है. अनुमंडल पदाधिकारी को लिखे पत्र में श्री दास ने बताया है कि विजया दशमी मिलन समारोह के बाद सूर्य मंदिर कमिटी की एक बैठक हुई थी जिसमें कमिटी के पदाधिकारी एवं सदस्यों के साथ वे भी बतौर संरक्षक उपस्थित थे. इस बैठक में छठ व्रत पर चर्चा हुई थी और पिछले वर्षों की तरह इस वर्ष भी छठ व्रत मनाने का निर्णय लिया गया था. बैठक में इन्होंने बताया था कि उन्होंने मुख्यमंत्री को एक पत्र लिखा है जिसमें उनसे कोविड-19 का छठ व्रत पर यथाशीघ्र मार्गदर्शन जारी करने का आग्रह किया गया है. श्री दास के पत्र के अनुसार बैठक में यह तय हुआ कि छठ व्रत में कोविड-19 के मार्गदर्शन का पालन किया जायेगा तथा इस बात का ध्यान रखा जायेगा कि कार्यक्रम में कोविड-19 के मार्गदर्शन से अधिक भीड़ न हो. बैठक में यह भी तय किया गया कि इस संदर्भ में अंतिम निर्णय राज्य सरकार द्वारा छठ व्रत पर कोविड-19 का मार्गदर्शन मिलने के बाद ही लिया जायेगा. उन्होंने छठ व्रत पर प्रसाद एवं कूपन बांटने वाली बात को भ्रामक और मनगढ़ंत बताया और कहा कि मंदिर कमिटी छठ व्रत पर सरकार द्वारा जारी कोविड-19 के मार्गदर्शन का पालन के लिए प्रतिबद्ध है. आपको बता दें कि सूर्य मंदिर कमेटी के खिलाफ संरक्षक चंद्रगुप्त सिंह ने लिखित तौर पर यह जानकारी जिला प्रशासन को दी थी कि सूर्य मंदिर कमेटी की ओर से कूपन बांटा जा रहा है, जो गलत है और अगर कूपन बंटेगा तो वे लोग भी बांटेंगे. इस मामले में एसडीओ ने सूर्य मंदिर कमेटी के मुख्य संरक्षक के तौर पर पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास को नोटिस जारी किकया था और 24 घंटे में जवाब दाखिल करने का आदेश दिया था, जिसका जवाब प्रशासन को सौंपा गया है.







