जमशेदपुर : जमशेदपुर को-आपरेटिव कॉलेज और गोलमुरी स्थित एबीएम कॉलेज में वित्तीय मामले की फाइल एक बार फिर खुल गयी है. इस मामले में पुलिस ने को-आपरेटिव कॉलेज के वाणिज्य विभाग के प्रोफेसर दीपक कुमार मित्रा और एबीएम कॉलेज के चतुर्थवर्गीय कर्मचारी श्याम सुंदर सिंह को गिरफ्तार किया है. हालांकि पुलिस की ओर से अभी इसकी पुष्टि नहीं की गयी है और न ही दोनों के कॉलेजों को इस संबंध में कोई जानकारी है. एबीएम कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य डॉ बीएन प्रसाद ने कहा कि उन्हें इस मामले में कोई जानकारी नहीं है. लेकिन सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार दोनों ही लोगों की गिरफ्तारी हुई है. पुलिस मंगवार को उन्हें मेडिकल के लिए एमजीएम अस्पताल भी ले गयी थी. पुलिस ने उन्हें उनके घर से गिरफ्तार किया है. प्रो दीपक कुमार मित्रा आज (मंगलवार) कॉलेज नहीं आये थे. प्रो मित्रा भी पूर्व में एबीएम कॉलेज में पदस्थापित थे. वह डॉ आरके दास के कार्यकाल में कॉलेज के बर्सर रहे थे. वहीं श्याम सुंदर सिंह एबीएम कॉलेज से सेवानिवृत्त हैं उसके बाद वह संविदा पर कॉलेज में सेवा दे रहे हैं. बता दें कि यह कार्रवाई दोनों ही कॉलेजों में प्राचार्य रहे डॉ आरके दास के कार्यकाल से जुड़ा है. डॉ दास पहले एबीएम कॉलेज के प्राचार्य थे. उसके बाद वह को-आपरेटिव कॉलेज के प्राचार्य बनाये गये थे. वहीं से वह सेवानिवृत्त भी हुए. (नीचे भी पढ़ें)

उनके कार्यकाल के दौरान ही दोनों ही कॉलेजों में वित्तीय घोटाले का मामला प्रकाश में आया था. तत्कालीन कुलपति डॉ आरपीपी सिंह (अब स्वर्गीय) ने इस मामले में कमेटी गठित कर जांच करायी थी. उसके बाद मामला राजभवन तक पहुंचा था. कोल्हान विश्वविद्यालय की ओर से शहर के गोलमुरी और साकची थाने में मामला भी दर्ज कराया गया था. इसके साथ ही दोषी पाये जाने के बाद विश्वविद्यालय ने डॉ आरके दास, डॉ पूनम सहाय व अन्य के खिलाफ अपने स्तर से कार्रवाई की. यथोचित कार्रवाई करते हुए किसी का एक और किसी का दो इंक्रीमेंट काटा गया था. इसके साथ मामला थाने में पहुंचने के बाद गिरफ्तारी का वारंट भी जारी हो गया था. जानकारी के अनुसार आरोपियों ने आवश्यक प्रक्रिया को पूरा करते हुए जमानत ले ली, लेकिन प्रो दीपक कुमार मित्रा और श्याम सुंदर सिंह ने संभवतः अभी तक जमानत नहीं ली थी. इसी के मद्देनजर पुलिस ने यह कार्रवाई की है.



