
जमशेदपुर : वेतन की निकासी के नाम पर प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी (बीईईओ) द्वारा शिक्षकों से रिश्वत लिये जाने का मामला प्रकाश में आया है. मामला जिले के धालभूमगढ़ प्रखंड का है, जहां के बीईईओ वेतन निकासी के नाम पर शिक्षकों से रिश्वत के रूप में 50 रुपये लेते हैं. शार्प भारत को एक ऑडियो क्लिप मिली है, जिसमें बीईईओ राम नरेश राम से एक शिक्षक प्रतिनिधि फोन पर बात कर रहे हैं. दोनों की बातचीत के क्रम में यह बात आती है कि बीईईओ श्री राम शिक्षकों से उक्त राशि भी लेते हैं. शिक्षक पूछते हैं कि यह राशि किसे देनी है, तो बीईईओ कहते हैं कि वह स्वयं 50 रुपये ले रहे हैं. शिक्षकों से वेतन निकासी के नाम पर रिश्वत के रूप में 50 रुपये लिए जाने तथा प्रत्येक माह वेतन निकासी के लिए 20 रुपये लिए जाने की बात स्वतः स्वीकार की गई है. यह ऑडियो की रिकॉर्डिंग की गयी है. वैसे इस ऑडियो की गारंटी www.sharpbharat.com नहीं लेता है. लेकिन यह ऑडियो वायरल हो गया है, जो दिखाता है किस क दर भ्रष्टाचार पनप रहा है.
बीईईओ को भी करना पड़ता है खर्च!
ऑडियो क्लिप में बीईईओ की बात से यह भी खुलासा होता है कि सिर्फ वही रिश्वत नहीं लेते, बल्कि उन्हें भी ऊपर देना पड़ता है. जगह-जगह पैसे खर्च करने पड़ते हैं, तब जाकर वेतन की निकासी होती है.
बीईईओ से डीएसई ने मांगा स्पष्टीकरण
उक्त मामले पर अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ द्वारा जिला शिक्षा अधीक्षक से शिकायत की गई थी. संघ की मानें, तो शिकायत के आलोक में बीईईओ राम नरेश राम को स्पष्टीकरण जारी होने के बावजूद उनके द्वारा लगातार रिश्वत की मांग की जाती रही, स्पष्टीकरण जारी होने के कुछ दिनों के बाद संबंधित प्रखंड के कुछ शिक्षकों द्वारा अनुपस्थिति विवरणी जमा करने के लिए उनके कार्यालय जाने पर उनके द्वारा पुनः रिश्वत मांगने पर बाध्य होकर शिक्षकों ने फोन रिकॉर्डिंग की. इस रिकॉर्डिंग में भी बीईईओ धालभूमगढ़ द्वारा रिश्वत नहीं देने वाले शिक्षकों का अनुपस्थिति विवरणी जमा नहीं लेने तथा वेतन निकासी के लिए 50 रुपये प्रति शिक्षक लिए जाने/मांगने की पुष्टि होती है.






