
जमशेदपुर : झारखंड में ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी साइबर अपराधी को दोषी करार देते हुए उसे सजा सुनाई गई हो. जमशेदपुर न्यायालय में 27 अगस्त को सुनवाई करते हुए एडीजे 2 ने पांच साइबर अपराधियों को दोषी करार दिया था. इसमें सोनु कुमार महतो, प्रदीप कुमार मजुमदार, महेश कुमार पोद्दार, रितेश कुमार और मंतोष पोद्दार शामिल है. मंगलवार को न्यायालय ने सभी अपराधियों को सात-सात साल की सजा और 16 लाख रुपये जुर्माना लगाया है. जुर्माने की राशि नहीं देने पर सभी को अतिरिक्त सजा दी जाएगी. इस मामले मे अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक लोक अभियोजक श्याम कुमार महतो ने बहस की थी. सहायक लोक अभियोजक (एपीपी) श्याम कुमार महतो की यह आखिरी बहस रही, इसके साथ ही वे सेवानिवृत हो गए. इसके अलावा मामले के अनुसंधानकर्ता साइबर अपराध थाना प्रभारी उपेंद्र कुमार मंडल का अहम योगदान रहा. थाना प्रभारी उपेंद्र कुमार मंडल ने मामले की गहन जांच की और कई सारे सबूत जमा कर न्यायालय में प्रस्तुत किए इसी का नतीजा रहा की आज पूरे झारखंड में पहली बार किसी साइबर अपराधी को दोषी करार दिया गया है. बता दे कि महेश कुमार पोद्दार द्वारा फर्जी वेबसाइट बनाकर ब्रांडेड सामानों का विज्ञापन दिखाया जाता था. जो कोई ग्राहक समान मांगता उसे गलत समान भेज दिया जाता था. रुपए रिफंड करने का झांसा देकर ग्राहक से निजी जानकारी ले ली जाती थी. इसके बाद कई अन्य तरीकों से झांसे में लेकर खाते से पैसे उड़ा लिए जाते थे. वहीं सोनू कुमार द्वारा लोगों को झांसे में लेकर बैंक में एकाउंट खुलवाया जाता था जिसे वह महेश को बेच देता था. महेश उस अकाउंट का इस्तेमाल कर ठगी के रुपयों को उसमे ट्रांसफर करता था. शिकायत के बाद पुलिस ने महेश के घर पर छापेमारी कर 13 लाख रुपए भी बरामद किए थे. बाद में महेश ने न्यायालय में सरेंडर कर दिया था.





