जमशेदपुर : जमशेदपुर वीमेंस कॉलेज हिन्दी विभाग की प्रोफेसर मुदिता चंद्रा उर्फ गुड़िया ने अपने पति आरआईटी के प्रोफेसर डॉ अंजनी कुमार के खिलाफ दहेज के लिये शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाकर एक शिकायतवाद का मामला सीजेएम के समक्ष दायर किया था. कोर्ट के आदेश पर सोनारी थाने में मामला दर्ज कराया था. इस मामले में सुनवाई करते हुए प्रथम श्रेणी न्यायिक ज्योत्सना पांडेय ने मंगलवार को सुनवाई करते हुए आरोपी डॉक्टर अंजनी कुमार को साक्ष्य अभाव में बरी कर दिया. मामले में कुल 3 लोगों की गवाही हुई थी जबकि आरोपी की ओर से आरोपी ने स्वंय अपने पक्ष में गवाही दी. मुदिता चंद्रा ने मामले में कहा था कि उनकी शादी 24 जून 1981 को डॉक्टर अंजनी कुमार से हुई थी. उनका एक बेटा (30) और एक बेटी (17) है. पहले वह आदित्यपुर रोड नंबर 2 में अपने पति और बच्चों के साथ रहती थी. इसके बाद वह सोनारी के आशियाना गार्डेन आवास में चली गयी. आदित्यपुर आवास में उसने 12 लाख रुपये खर्च किया था, जबकि सोनारी का मकान उसने अपने खुद के रुपये से ही बनवाया था. पति आदित्यपुर से ही उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया करते थे. मुदिता ने आरोप लगाया था कि उनके पति डॉक्टर अंजनी कुमार ने उनके पिता से जबरन तीन लाख रूपए लिया था. इसके बाबजूद पति ने मायका वालों से 30 लाख रुपये की मांग कर रहे थे. इसकी शिकायत उसने आदित्यपुर के थाना प्रभारी से अप्रैल 2012 में की थी. इसके बाद वर्ष 2013 में जमशेदपुर के एसएसपी से भी घटना की शिकायत की थी. वर्ष 2011 में धोखे से पति ने मुंगेर में उनके खिलाफ तलाक का मामला दर्ज कर दिया था. मुदिता का आरोप था कि शादी के बाद पति ने उनकी सोने की जेवरात और पांच लाख रुपये हड़प लिया था एवं पति ने उनकी वेतन का सारा रूपए छीन कर ले लेते थे.







