जमशेदपुर : जमशेदपुर के सीतारामडेरा थाना क्षेत्र में 9 नवंबर 2019 की सुबह टाटा लाइन गोलमुरी निवासी गुरचरण सिंह बिल्ला पर हुई फायरिंग मामले में साकची सेंट्रल गुरुद्वरा कमेटी के सेवादार महेन्द्र सिंह (78) की गवाही सोमवार को पूरी हो गई. महेन्द्र सिंह इस मामले में चौथे गवाह थे. इस मामले की सुनवाई जमशेदपुर कोर्ट के एडीजे -चार राजेंद्र कुमार सिन्हा की अदालत कर रही हैं. महेन्द्र सिंह ने गवाही में कहा कि घटना के एक दिन पहले 8 नवंबर 2019 की रात 9.45 बजे गुरुमख सिंह मुखे के साथ अमरजीत सिंह अंबे सहित चार शूटर गुरूद्वरा में आया था और सीजीपीसी कार्यालय का चाभी ले लिया था. बोला था कि शव वाहन में चाभी रख देगा जहां से चाभी ले लेने के लिए कहा था. घटना के एक माह बाद सीतारामडेरा पुलिस गुरुमुख सिंह मुखे और अन्य को लेकर कार्यालय पर आया था, और पूछा था कि इन्हें पहचानते है कि नहीं, उन्होंने पुलिस को बताया था कि घटना के पूर्व रात्रि में कार्यालय में आने की बात बताया था. उल्लेखनीय है कि 9 नवंबर 2019 की सुबह सीतारामडेरा थाना क्षेत्र में गुरुचरण सिंह बिल्ला पर फायरिंग किया गया था. फायरिंग से गुरुचरण गंभीर रूप से जख्मी हो गया था. उस समय वह पत्नी गुरप्रीत कौर के साथ प्रतिदिन की भाँति मॉर्निंग वॉक के लिए निकला था. इस संबंध में गुरप्रीत कौर के बयान पर गुरुमुख सिंह मुखे व अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था. पुलिस ने मामले में मानगो गुरुद्वारा के प्रधान गुरमुख सिंह मुखे, अमरजीत सिंह अंबे,उत्तम पंडा और अन्य को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था.




