जमशेदपुर : जमशेदपुर के समाहरणालय सभागार में उपायुक्त राजीव रंजन की अध्यक्षता में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई. बैठक में शहरी क्षेत्र तथा सभी प्रखंडों में पेयजल आपूर्ति की स्थिति, ड्राई जोन की पहचान, टैंकर के माध्यम से जलापूर्ति, चापाकल एवं जलमीनार के मरम्मतीकरण कार्यों के साथ-साथ विभागीय योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई. बैठक के दौरान उपायुक्त ने निर्देश दिया कि ड्राई जोन एवं टैंकर से जलापूर्ति वाले क्षेत्रों की अद्यतन सूची उपायुक्त कार्यालय को उपलब्ध कराएं तथा प्रभावित क्षेत्रों के लिए समुचित वैकल्पिक व्यवस्था भी तैयार रखें. विशेष रूप से शहरी क्षेत्रों, खासकर मानगो एवं बागबेड़ा में पेयजलापूर्ति की स्थिति की समीक्षा करते हुए उन्होंने नियमित मॉनिटरिंग एवं त्वरित समस्या समाधान के निर्देश दिए.(नीचे भी पढ़े)

कार्यपालक अभियंता ने जानकारी दी कि पिछले एक माह में विभिन्न माध्यमों जैसे झारजल पोर्टल, सोशल मीडिया एवं समाचार पत्रों के जरिए प्राप्त कुल 833 शिकायतों में से 755 का निष्पादन कर दिया गया है, जबकि शेष शिकायतों के निराकरण की प्रक्रिया जारी है. इस पर उपायुक्त ने लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. समीक्षा के क्रम में उपायुक्त ने विभिन्न प्रखंडों में चापाकल एवं जलमीनार की मरम्मत हेतु प्रतिनियुक्त गैंगों के कार्यों की भी समीक्षा की तथा निर्देश दिया कि सभी खराब जल स्रोतों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र चालू किया जाए, ताकि गर्मी के मौसम में आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो. जल जीवन मिशन की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सरकार के प्रावधानों के अनुरूप वर्षा ऋतु प्रारंभ होने से पूर्व जिले के सभी जलमीनार की टंकियों की अनिवार्य रूप से सफाई सुनिश्चित की जाए.(नीचे भी पढ़े)
उप विकास आयुक्त ने बताया कि वर्ष में दो बार टंकियों की सफाई का प्रावधान है, जिसका सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है. प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) एवं अबुआ आवास योजना के तहत निर्माणाधीन एवं पूर्ण आवासों की सूची पेयजल विभाग को उपलब्ध कराए जाने की जानकारी दी गई. उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सभी आवासों में शौचालय निर्माण अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए. इस संबंध में कार्यपालक अभियंता ने चालू माह में 529 शौचालय निर्माण पूर्ण करने का आश्वासन दिया. बैठक में मार्च 2027 तक जिले के सभी गांवों को मॉडल विलेज के रूप में विकसित करने के लक्ष्य की भी समीक्षा की गई. इसके तहत कुल 1640 गांवों में से 357 गांवों को अब तक मॉडल गांव के रूप में विकसित किया जा चुका है, जबकि शेष गांवों में आधारभूत संरचना से संबंधित कार्य प्रगति पर है. (नीचे भी पढ़े)
उपायुक्त ने निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी कार्यों को पूर्ण करने का निर्देश दिया. मॉडल विलेज के लिए निर्धारित छह प्रमुख घटकों में ठोस कचरा प्रबंधन, तरल कचरा प्रबंधन, शौचालय निर्माण एवं शत-प्रतिशत उपयोग, स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता, माहवारी स्वच्छता प्रबंधन, स्वच्छता के प्रति जनजागरूकता एवं व्यवहार परिवर्तन शामिल हैं. उपायुक्त ने कहा कि इन सभी घटकों का समुचित क्रियान्वयन सुनिश्चित कर ही गांवों को वास्तविक रूप से मॉडल गांव बनाया जा सकता है. उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों को समन्वय के साथ कार्य करते हुए योजनाओं के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश दिए. बैठक में उप विकास आयुक्त नागेन्द्र पासवान, कार्यपालक अभियंता पेयजल एवं स्वच्छता विभाग सुनील कुमार एवं सुमित कुमार सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे.







