
जमशेदपुर : जमशेदपुर में झारखंड मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस आमने सामने है. मामला जमशेदपुर पश्चिम विधानसभा अंतर्गत कदमा नील सरोवर छठ घाट से जुड़ा है. आपको बता दें कि राज्य में सरना धर्म कोड बिल को लेकर सत्ताधारी दल झामुमो द्वारा प्रस्ताव लाया गया है. इसको लेकर जेएमएम राज्य भर में खुशी प्रकट कर रही है. इसी क्रम में गुरुवार को कदमा नील सरोवर छठ घाट के खाली जमीन झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ताओं द्वारा पार्टी का झंडा गाड़कर सरना धर्म कोड बिल को लेकर खुशियां बांटी गयी और पार्टी के झंडे को वहीं खाली जमीन पर छोड़ दिया. इसको लेकर जमशेदपुर में राजनीति भी शुरू हो गई है. आपको बता दें, कि नील सरोवर का देखरेख राज्य के कांग्रेसी मंत्री और जमशेदपुर पश्चिम के विधायक बन्ना गुप्ता करते रहे हैं. ऐसे में सहयोगी दल के कार्यकर्ताओं द्वारा पार्टी का झंडा गाड़कर कार्यक्रम करना, उसके बाद खाली पड़े भूखंड पर पार्टी का झंडा गाड़कर चले जाना कांग्रेसियों को खलने लगा है.
इसको लेकर नील सरोवर छठ घाट समिति के अध्यक्ष कांग्रेसी नेता और मंत्री बन्ना गुप्ता के आप्त सचिव रह चुके मनोज झा ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर झारखंड मुक्ति मोर्चा पर सीधा हमला करते हुए कहा, कि झामुमो के कार्यकर्ता नील सरोवर छठ घाट की जमीन को कब्जा करना चाह रहे हैं. जबकि खाली जमीन पर मंदिर बनाने का प्रस्ताव है. उन्होंने बताया, कि झामुमो कार्यकर्ताओं के इस व्यवहार से राज्य के मुख्यमंत्री और पार्टी सुप्रीमो हेमंत सोरेन की छवि धूमिल होगी. वही मनोज झा के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए झारखंड मुक्ति मोर्चा केंद्रीय कमेटी के सदस्य पवन कुमार ने नील सरोवर घाट पर पार्टी का झंडा गाड़कर कार्यक्रम किए जाने के पीछे शरारती तत्वों का हाथ बताया. उन्होंने इस पूरे मामले से पल्ला झाड़ते हुए कहा कि पार्टी का इससे कोई लेना-देना नहीं.

उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि नील सरोवर तालाब पर शुरू से ही स्थानीय विधायक बन्ना गुप्ता द्वारा सौंदर्यीकरण कराने का काम कराया जा रहा है जो कि इलाके में एक मिसाल के रूप में देखा जाता है. इस प्रकरण से पार्टी का कोई लेना देना नहीं. वहीं उन्होंने बताया कि अगर लोगों को सरना धर्म कोड बिल के समर्थन में खुशियां मनानी ही थी, तो शहीद निर्मल महतो समाधि स्थल पर मनानी चाहिए थी. उससे पवित्र स्थल इलाके में कहीं नहीं है. वहीं इस मामले को लेकर पार्टी के जिला अध्यक्ष को अवगत कराए जाने की बात उन्होंने कही. कुल मिलाकर जमशेदपुर में महागठबंधन के दो घटक दल झामुमो और कांग्रेस इस मुद्दे पर आमने-सामने है. हालांकि अभी पार्टी के बड़े नेताओं का इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आया है.





