जमशेदपुर : जमशेदपुर के सीतारामडेरा थाना क्षेत्र में 9 नवंबर 2019 की सुबह टाटा लाइन गोलमुरी निवासी गुरचरण सिंह बिल्ला पर हुई फायरिंग मामले में गुरूचरण के छोटा भाई परमजीत सिंह ने सोमवार को जमशेदपुर कोर्ट में गवाही दी. गवाही के दौरान उसने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) से उपस्थित गुरुमुख सिंह मुखे और अमरजीत सिंह अंबे की पहचान की लेकिन अन्य दो आरोपी राज किशोर महतो एवं उत्तम पंडा की पहचान से इंकर किया हैं. इससे पूर्व पिता 74 वर्षीय महेनद्र सिंह की गवाही हुई थी. इस मामले की सुनवाई जमशेदपुर कोर्ट के एडीजे -चार राजेंद्र कुमार सिन्हा की अदालत कर रही हैं. (नीचे भी पढ़ें)
मामले की पंचवा गवाह परमजीत सिंह ने गवाही में कोर्ट को क्या बताया : परमजीत सिंह ने कोर्ट को बताया कि प्रतिदिन की भांति बड़े भाई गुरुचरण सिंह बिल्ला सुबह चार बजे गुरूद्वरा जाते थे..9 नवंबर 2019 के सुबह भाभी के साथ गुरूद्वारा के लिए निकले थे. सजा चार बजे भाई की मोबाइल से भाभी ने फोन कर बताया था कि तुम्हरे भाई को किसी ने गोली मार दी हैं, तभी भाई ने मोबाइल पर बताया की जल्दी सीतारामडेरा आदिवासी स्कूल के पास पहुंचा. सूचना पर अपनी स्कार्पियो से आदिवासी स्कूल के पास पहुंचा देखा भाई सड़क किनारे बैठा हैं और भाभी पास खड़ी थी. भाई और भाभी को स्कार्पियो में बैठाकर टीएमएच अस्पताल लेकर गया. भाई गुरूचरण ने अस्पताल जाने के समय बताया कि वह गुरमुख सिंह मुखे और अमरजीत सिंह अंबे को बोलेरो पर देखा था. भाई के सर और अंगुली फैकचर हो गया था. उसने बताया कि भाई गुरूचरण सिख प्रतिनिधि बोर्ड के अध्यक्ष थे. उनका सिख सजा में ओहदा बढ़ रहा देख कर गुरमुख सिंह मुखे और अमरजीत सिंह अंबे को जलन होने लगी थी. (नीचे पढ़ें पूरी खबर)
इसी बात को लेकर दोने ने शूटर से भाई पर गोली मारवा दिया. वर्ष 2014 में अमरजीत सिंह अंबे के साथ झगड़ा हुआ था तब भाई ने कोर्ट और एसएसपी को लिखित सूचना दिया था और यह भी बताया कि घटना के तीन-चार दिन पहले वह सैलून दाड़ी बनाने के लिए गया था. उस समय अमरजीत सिंह दुकान के सामने खड़ा था. भाई को स्कूटी से जाते देखा और मोबाइल पर किसी से यह कहते हुए सुना था कि जब तक गुरुचरण को नहीं मारूंगा तब तक पगड़ी नहीं पहनूंगा. उल्लेखनीय है कि 9 नवंबर 2019 की सुबह सीतारामडेरा थाना क्षेत्र में गुरुचरण सिंह बिल्ला पर फायरिंग किया गया था. फायरिंग से गुरुचरण गंभीर रूप से जख्मी हो गया था. उस समय वह पत्नी गुरप्रीत कौर के साथ प्रतिदिन की भाँति गुरूद्वरा के लिए निकला था. इस संबंध में गुरप्रीत कौर के बयान पर गुरुमुख सिंह मुखे व अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था. पुलिस ने मामले में मानगो गुरुद्वारा के प्रधान गुरमुख सिंह मुखे, अमरजीत सिंह अंबे,उत्तम पंडा और राज किशोर महतो को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था.



