जमशेदपुर : टाटा स्टील द्वारा जमशेदपुर फुटबॉल क्लब (जेएफसी) को बंद कर दिया गया है. जेएफसी को बंद करने को लेकर जमशेदपुर ही नहीं बल्कि पूरे देश में विरोध का स्वर तेज हो गया है. इस मामले को लेकर टाटा स्टील के वाइस प्रेसिडेंट कारपोरेट सर्विसेज डीबी सुंदर रामम बंद करने के फैसले के तीन दिनों के बाद मीडिया में सफाई देने के लिए आगे आये. उन्होंने जेआरडी टाटा स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में पत्रकारों के तीखे सवालों का जवाब दिया. (नीचे भी पढ़ें)

उन्होंने बताया कि जेएफसी को बंद करने के पीछे कोई आर्थिक कारण नहीं है. वे लोग जमीनी स्तर पर फुटबॉल खेल और खिलाड़ियों को आगे लाने के लिए टाटा फुटबॉल एकेडमी (टीएफए) को संचालित करते आये है. उन्होंने कहा कि टाटा स्टील यह प्रक्रिया जारी रखेगी. नवल टाटा हॉकी एकेडमी, एथलेटिक्स एकेडमी, आर्चरी एकेडमी समेत 19 खेलों को लेकर टाटा स्टील काम करती है. जेआरडी टाटा स्पोटर्स कांप्लेक्स में खेल को बढ़ावा दिया जाता है. खेल पर से टाटा स्टील का फोकस हटने की बात कहना गलत होगा. उनसे पत्रकारों ने यह पूछा कि कीनन स्टेडियम को पहले बंद कराकर क्रिकेट को रांची शिफ्ट करा दिया गया. अब फुटबॉल क्लब को चालू कराकर क्लब को बंद कर दिया गया. इससे खेल प्रेमियों और खिलाड़ियों में हताशा है. (नीचे भी पढ़ें)
इस पर उन्होंने कहा कि कीनन स्टेडियम को फिर से जीवित किया जायेगा. यहां रणजी के खेल होंगे. इसको लेकर झारखंड क्रिकेट एसोसिएशन के साथ बातचीत हुई है. सकारात्मक दिशा में बातचीत हुई है और एक माह के बाद से इसको नये सिरे से बनाने का काम शुरु हो जायेगा. उन्होंने कहा कि फुटबॉल क्लब 6 साल तक संचालित किया गया था. लेकिन अभी नहीं चलाया जा सकता था. इस कारण हम लोग नहीं चला पा रहे है. बोर्ड की बैठक के बाद इसको मंजूरी दी गयी. इसके बाद हम लोगों ने यह फैसला लिया. टाटा स्टील की ओर से डीबी सुंदर रामम ने जमशेदपुर के लोगों को वादा किया कि वे लोग खेल को आगे ले जाते रहेंगे.




