जमशेदपुर : जमशेदरपुर के सीतारामडेरा थाना क्षेत्र के नीतिबाग कॉलोनी में गैंग्स्टर अखिलेश सिंह और उनके प्रतिद्धंदी बने सुधीर दुबे के बीच करीब 7 साल पहले हुए फायरिंग की घटना की सुनवाई हुई. इस दौरान पहले से यह तय था कि आज केस क्लोज हो जायेगा. लेकिन अंतिम समय में गवाह सामने आ गयी. गवाही के लिए अधिवक्ता की ओर से मांग की गयी कि उनकी गवाही ली जाये. इस पर फिर से गवाही होगी. जमशेदपुर कोर्ट के अधिवक्ता गौरव पाठक ने इस दौरान एक पक्ष से अपनी बातों को रखा. इसके बाद तय हुआ कि अब इस मामले की अगली सुनवाई 16 सितंबर को होगी. यह सुनवाई काफी हाई प्रोफाइल थी. इस सुनवाई में जमशेदपुर के दोनों गैंग के करीब 30 से अधिक गैंगस्टर पहुंचे थे. सोमवार को एडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज-3 की अदालत में आरोपियों के बयान दर्ज किए जाने थे. अभियोजन पक्ष की गवाही पूरी होने के बाद आपराधिक मामलों में आरोपियों का बयान सामान्यतः धारा 313 सीआरपीसी के तहत दर्ज किया जाता है. हालांकि, सोमवार को यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी. शिकायतकर्ता पक्ष की ओर से 313 सीआरपीसी के तहत आवेदन देकर गवाही देने की बात कही गई. (नीचे भी पढे)

अदालत ने आवेदन पर आरोपी पक्ष को जवाब दाखिल करने के लिए समय दिया है. अब अगली तारीख पर आरोपी पक्ष अपना जवाब दाखिल करेगा. इसके बाद अदालत आगे की प्रक्रिया पर निर्णय लेगी। फिलहाल मामले में ट्रायल समाप्त नहीं हुआ है. जानकारी के अनुसार, कन्हैया सिंह पक्ष की ओर से दर्ज मामले में 23 आरोपी हैं, जबकि सुधीर दुबे पक्ष के केस में नौ आरोपी हैं. दोनों मामले एक ही घटना से जुड़े काउंटर केस हैं. घटना मई 2019 की रात लॉकडाउन के दौरान नीतिबाग कॉलोनी में हुई थी. पुलिस और तत्कालीन मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, दोनों गुटों के बीच जमकर गोलीबारी हुई थी. इसमें कन्हैया सिंह समेत कई लोग घायल हुए थे, जिन्हें इलाज के लिए टीएमएच ले जाया गया था. पुलिस ने घटनास्थल से खोखे भी बरामद किए थे. कन्हैया सिंह ने पुलिस को दिए बयान में आरोप लगाया था कि समझौते के नाम पर कल्लू राय ने उसे पटेलनगर बुलाया था, जहां पहुंचने के बाद दोनों पक्षों के बीच गोलीबारी शुरू हुई. वहीं, पुलिस जांच में सुधीर दुबे पर घटना की साजिश रचने के आरोप सामने आए थे. हालांकि, अदालत में आरोप साबित होना न्यायिक प्रक्रिया का विषय है. सुधीर दुबे के अखिलेश सिंह गिरोह से अलग होकर अपना गिरोह बनाने के बाद दोनों गुटों के बीच पुरानी रंजिश बताई जाती है. इसी विवाद के बीच यह गैंगवार हुआ था. सोमवार की सुनवाई के बाद अब मामले की अगली कार्रवाई आरोपी पक्ष के जवाब के बाद तय होगी. दूसरी ओर, आज की सुनवाई के दौरान पुलिस के भारी बंदोबस्त किये गये थे ताकि किसी तरह का कोई टकराव नही हो सके.




