








जमशेदपुर : जमशेदपुर के घाघीडीह सेंट्रल जेल में हुई मनोज कुमार सिंह की हत्या के मामले में गुरुवार को 15 लोगों को फांसी की सजा जमशेदपुर कोर्ट ने सुनायी थी जबकि 7 लोगों को 10 साल की सजा सुनायी है. इस मामले में अभी और भी कहानी सामने आयी है. इस हत्याकांड के वक्त सीसीटीवी से सारे कांड का खुलासा हुआ था. पुलिस ने सारे कांड का खुलासा तो किया ही था जबकि इस घटना का सीसीटीवी फुटेज पुलिस के हाथ लगी थी. सीसीटीवी में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि इस कांड में मारपीट में कारा के कक्षपाल अनिल कुमार, पंकज कुमार मंडल, रामप्रताप यादव और संतोष कुमार है. इसके अलावा कुख्यात अपराधी अखिलेश सिंह के शूटर हरीश सिंह, अविनाश श्रीवास्तव और अनिल दास उर्फ छोटका भी है. इस मामले में इनके खिलाफ कोर्ट में मामला लंबित रखते हुए सबको फांसी और दस साल की सजा सुनायी गयी. इन अभियुक्त द्वारा हाईकोर्ट में डिस्चार्ज के पिटीशन पर सुनवाई लंबित हैं. नके खिलाफ अब तक आरोप गठित भी नही हुआ हैं. इन सारे आरोपियों के खिलाफ अलग से मामला चल रहा है. झारखंड हाईकोर्ट ने ही जमशेदपुर कोर्ट को यह निर्देशित किया था कि जो आरोपी हाईकोर्ट में है, उन सारे आरोपियों को छोड़कर शेष अन्य के मामले में छह माह में केस निष्पादित करें और फैसला सुनाया जाये. इसके बाद जमशेदपुर कोर्ट में मामले में स्पीडी ट्रायल शुरू हुई और सारे आरोपियों को सजा सुनायी गयी. सारे कांड में आरोपियों के खिलाफ पुलिस के पास सारे सबूत थे. इसके अलावा कोर्ट ने खुद सीसीटीवी फुटेज देखा था. कोर्ट में सारी तस्वीरें दी गयी थी, जिसके आधार पर सब पर आरोप साबित हो गया. इधर, फांसी की सजा सुनाये जाने के बाद अब बचाव पक्ष के वकील चाहती है कि हाईकोर्ट जाने की तैयारी में है.






