
जमशेदपुर : सेंट्रल सिख नौजवान सभा के प्रतिनिधिमंडल ने सोशल डिस्टेन्स का पालन करते हुए जमशेदपुर के एसएसपी एम तमिल वणन से मुलाकात की एवं उन्हें उद्योगपति सह समाजसेवी राजीव दुग्गल को जेल भेजने के मामले पर निष्पक्ष जांच कराने का आग्रह किया. इन लोगों ने कहा कि जो लोग दोषी है वो जेल जाये, किंतु जो दोषी नही है, वो सलाखों के पीछे ना रहे. एसएसपी ने आश्वस्त किया कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होगी. प्रतिनिधिमंडल में मुख्य रूप से सतबीर सिंह सोमू, चंचल भाटिया, हरविंदर सिंह,इंदरजीत सिंह,नवजोत सिंह शामिल थे. इन लोगों ने एक ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें इन लोगों ने मांग की कि अलकोर होटल के मालिक राजीव दुग्गल को जिस प्रकार गिरफ्तार कर जेल भेजा गया उससे रोष एवं चिंता का वातावरण बना हुआ है. अलकोर होटल में जो भी घटना घटी हो वह जाँच का विषय है, अगर होटल में कुछ गलत हुआ भी है तो उसके लिए मालिक को जेल भेज देना न्याय संगत नहीं है. किसी भी प्रतिष्ठान में सैकड़ों कर्मचारी काम करते हैं जिनकी सारी जानकारी मालिक को होना अनिवार्य नहीं है. अगर प्रतिष्ठान में कार्यरत कर्मचारियों की गलतियों के लिए मालिक को सीधे दोषी ठहराया जाने लगा तो किसी भी व्यापारी व उद्यमी के लिए व्यापार चलाना मुश्किल होगा. श्री दुग्गल जैसे प्रतिष्ठित उद्यमी को जेल भेजने के पहले उनके पिछले रिकॉर्ड पर भी ध्यान देना चाहिए था. उन्होंने हजारों लोगों को रोजगार उपलब्ध करवाया. इसके अलावा अच्छे कार्यों में सरकार को राजस्व, सामाजिक कार्यो में हमेशा बढ़-चढ़ के साथ दिया. अभी भी लॉकडाउन में जरूरतमंद परिवारों को कच्चा राशन उपलब्ध करवा रहे थे. श्री दुग्गल एक साफ-सुथरे छवि के शालीन व्यक्ति है तथा कई सामाजिक संगठनों से जुड़े हुए हैं. ऐसा प्रतीत होता है कि उनकी गिरफ्तारी किसी साजिश के तहत की गई है. उक्त घटनाक्रम से जमशेदपुर औद्योगिक नगर के उद्यमियों, बिल्डर्स, सामाजिक संगठन, सिख संगत में निराशा एवं भय का संचार हुआ है, जिसका प्रभाव इस क्षेत्र के औद्योगिक एवं आर्थिक विकास पर पड़ेगा.






