जमशेदपुर: देश की प्रतिष्ठित संस्था मणिपाल एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन (माहे) की घटक इकाई, जमशेदपुर के बारीडीह स्थित मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज (एमटीएमसी) ने “हृदय रोगों में नैदानिक दृष्टिकोण” विषय पर एक ऐतिहासिक राष्ट्रीय सम्मेलन का सफलतापूर्वक आयोजन किया. एलाइड हेल्थ साइंसेज विभाग के कार्डियोवैस्कुलर टेक्नोलॉजी (सीवीटी) प्रभाग द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम, मणिपाल हॉस्पिटल, ईएम बाईपास, कोलकाता के कार्डियक साइंसेज विभाग के रणनीतिक सहयोग से संपन्न हुआ. डिजिटल और फिजिकल माध्यम का संगम सम्मेलन को अत्याधुनिक ‘हाइब्रिड’ फॉर्मेट में रखा गया था, जिसमें जमशेदपुर कैंपस में 105 प्रतिभागी व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहे, जबकि 142 प्रतिनिधि वर्चुअली जुड़े. इसमें भारत के विभिन्न राज्यों (तमिलनाडु, केरल, हरियाणा, कर्नाटक) के अलावा अमेरिका, ब्रिटेन और जर्मनी के विशेषज्ञों ने भी हिस्सा लिया. विशेषज्ञों का संबोधन कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि डीन डॉ. जी. अरुण और विशिष्ट अतिथि कोलकाता मणिपाल अस्पताल के कार्डियेक साइंसेस के एचओडी डॉ. रवींद्र नाथ चक्रवर्ती की उपस्थिति में पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ हुआ. (नीचे भी पढ़ें)

तकनीकी सत्रों में डॉ. अजय अग्रवाल, डॉ. एन. वी. के. सुदीप, डॉ. आशीष हलदर, डॉ. कृष्णानंद नायक और डॉ. दिलीप कुमार जैसे दिग्गजों ने हृदय स्वास्थ्य में आ रहे आधुनिक बदलावों पर चर्चा की. शोध को मिला मंच कॉन्फ्रेंस न केवल ज्ञान साझा करने का माध्यम बनी, बल्कि युवा शोधकर्ताओं को ओरल और पोस्टर प्रेजेंटेशन के जरिए अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर भी मिला और उत्कृष्ट शोध कार्यों को सम्मानित किया गया. अंत में एक डिजिटल क्विज़ का आयोजन हुआ. कार्यक्रम का समापन सम्मेलन संयोजक टीना रल्हन के धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ. (नीचे भी पढ़ें)
जमशेदपुर स्थित बारीडीह स्थित मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज, मनिपाल एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन (माहे) की एक घटक इकाई है, जो एक ‘संस्थान की उत्कृष्टता’ के रूप में प्रतिष्ठित है. यह संस्थान गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है. आधुनिक सुविधाओं और समर्पित संकाय के साथ, एमटीएमसी का लक्ष्य भविष्य के स्वास्थ्य पेशेवरों को प्रशिक्षित करना और समुदाय के कल्याण में योगदान देना है. एमटीएमसी जमशेदपुर, माहे और टाटा स्टील के बीच एक अनूठी साझेदारी है, जिसका उद्देश्य शीर्ष स्तरीय चिकित्सा शिक्षा प्रदान करना और टाटा मुख्य अस्पताल (टीएमएच) के माध्यम से क्षेत्र की नैदानिक आवश्यकताओं को पूरा करना है.



