
जमशेदपुर : जमशेदपुर पूर्वी के विधायक सरयू राय ने झारखंड विधानसभा के बजट सत्र में दो सवाल उठाये है. श्री राय ने जमशेदपुर के छायानगर से लेकर लाल भट्ठा में टाटा स्टील यूटिलिटीज इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विसेज लिमिटेड (पहले जुस्को) की बिजली का कनेक्शन देने का मुद्दा उठाया. इसका जवाब बिजली विभाग ने दिया, जिसको सरयू राय ने गलत करार दिया. उन्होंने फिर से विधानसभा अध्यक्ष कोपत्र लिखकर कहा है कि गलत सूचना दी गयी है. उन्होंने बताया कि गुरुवार को ऊर्जा विभाग ने उनके अल्पसूचित प्रश्न का सही उत्तर नहीं दिया है और भरमाने की कोशिश किया है. उन्होंने बताया है कि वस्तुस्थिति यह है कि टाटा स्टील नवीकरण समझौता-2005 में स्पष्ट प्रावधान है कि जमशेदपुर के नागरिकों, खासकर लीज क्षेत्र के नागरिकों को बिजली सहित अन्य जन सुविधाएं उपलब्ध करायें, परन्तु पूर्वी जमशेदपुर के छायानगर से लेकर लाल भट्ठा तक की आबादी में टाटा स्टील की कम्पनी द्वारा विद्युत आपूर्ति नहीं की जा रही है. कम्पनी विद्युत कनेक्शन देने में मनमानी और भेदभाव करती है. इस क्षेत्र के नागरिक टाटा स्टील यूटिलिटी इन्फ्रास्ट्रक्चर सर्विसेज लिमिटेड से बिजली लेना चाहती है. चूंकि, यह प्रश्न विधानसभा में अनागत हो गया है, इसलिए सरकार से पूरक प्रश्न पूछने का उनको मौका नहीं मिला., श्री राय ने विधानसभा अध्यक्ष से अनुरोध किया है कि इस विषय में सही और स्पष्ट उत्तर देने का निर्देश ऊर्जा विभाग को दिया जाये. दूसरी ओर, विधायक सरयू राय के ध्यानाकर्षण पर विधानसभा में राज्य सरकार ने मान लिया कि 3 वर्ष पूर्व प्रखंड स्तर पर बहाल किये गये श्रमिक मित्रों को नहीं हटायेगी. ज्ञातव्य है कि सरकार ने इसी वर्ष 2022 में एक अधिसूचना निकालकर पूर्व में 2015 में निकाली गई अधिसूचना में संशोधन कर दिया कि “जिन श्रमिक मित्रों की सेवा का 3 वर्ष पूरा हो गया है, उनकी जगह नये श्रमिक मित्र बहाल किये जायेंगे. श्री राय ने सरकार की ऐसी अधिसूचना को जनविरोधी और क़ानून विरोधी बताया और यह अधिसूचना निकालने का कारण पूछा. जवाब दे रहे श्रम मंत्री इसका कारण नहीं बता सके और कहा कि 3 वर्ष की सेवा अवधि पूरा करने वाले श्रमिकों को अभी तक हटाया नहीं गया है और आगे भी इन्हें हटाया नहीं जायेगा.




