चाकुलिया: चाकुलिया प्रखंड की बड्डीकानपुर-कालापाथर पंचायत के बड्डीकानपुर गांव स्थित जामिरा पहाड़ की पूजा धूमधाम से और पुरी रीति रिवाज के साथ की गई. रविवार को जामिरा पहाड़ की पूजा श्रद्धा और भक्ति भाव से की गई. इसके साथ ही प्रखंड क्षेत्र में पहाड़ पूजा का सिलसिला शुरू हो गया. ग्रामीणों का मानना है कि पहाड़ पूजा करने से क्षेत्र में अच्छी बारिश और गांव में खुशहाली रहती है. पहाड़ की पूजा करने के लिए बड्डीकानपुर,कालापाथर,मयूरनाचनी, जोभी,पोचापानी समेत अन्य कई गांव के ग्रामीण पहाड़ पहुंचकर श्रद्धा पूर्वक पहाड़ की पूजा की.पुजारी सह ग्राम प्रधान पिथो मुर्मू, सहयोगी पुजारी रामदास हांसदा, कुनाराम हांसदा, भीम सेन मांडी, कांदा मुर्मू ने परंपरा के मुताबिक पूजा अर्चना की. (नीचे भी पढ़े)
पूजा करने के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी. अनेक पुरुष और महिलाओं ने पूजा थान में श्रद्धा और भक्ति से पूजा की. पूजा के अवसर पर शाम को यंग बॉयज क्लब के तत्वावधान में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होगा. 27 जून को भी कई प्रकार के कार्यक्रम आयोजित होंगे. पूजा को सफल बनाने में पूजा स्थान में मंदिर का निर्माण कराने वाले साहेब राम मुर्मू, पिंटू मुर्मू, हिंदू मुर्मू, रामदास हांसदा, जयराम, अजय पातर, मंगल हांसदा, सुनील मुंडा, बुद्धेश्वर मुंडा, हिंदु हांसदा, रंजीत किस्कू, महादेव मांडी, निगरानी हांसदा, माधव मांडी, चरण मुंडा समेत अन्य सदस्यों ने अहम भूमिका निभाई.. (नीचे भी पढ़े)
पूजा के पश्चात हुई बारिश: जामिरा पहाड़ पूजा के पश्चात अचानक आसमान में काले बादल उमड़ आए और झमाझम बारिश हुई. पूजा के पश्चात बारिश होने से पूजा कमेटी और श्रद्धालुओं में हर्ष व्याप्त है. लोगों ने कहा की पूजा के पश्चात बारिश होना क्षेत्र के लिए शुभ संकेत है.. (नीचे भी पढ़े)
झरने का पानी पीकर बुझाई प्यास: जामिरा पहाड़ पूजा स्थल पर पानी की व्यवस्था नहीं है. वर्षो से पूजा कमेटी के लोग क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों से पहाड़ स्थल पर एक चापाकल लगवाने की मांग करते आ रहे हैं परंतु अबतक किसी ने भी पहल नही किया है. पहाड़ स्थल पर पेयजल की व्यवस्था नहीं होने के कारण पहाड़ पूजा करने पहुंचे श्रद्धालु अपनी प्यास पहाड़ के झरना की पानी पीकर अपनी प्यास बुझाते हैं. लोगों ने कहा कि पहाड़ पर स्थित झरना कभी सुखता नहीं है सालों भर झरना में पानी बहता रहता है.



