जमशेदपुर : जमशेदपुर के गोलमुरी पुलिस लाइन में जमशेदपुर के एसएसपी ऑफिस की महिला पुलिसकर्मी सविता रानी हेम्ब्रम, उसकी बेटी गीता हेम्ब्रम और उसकी मां की हत्या के मामले का खुलासा पुलिस ने कर दिया है. जमशेदपुर के एसएसपी प्रभात कुमार ने संवाददाता सम्मेलन कर इसका खुलासा शनिवार को किया. एसएसपी ने बताया कि इस कांड में हत्याकांड को रामचंद्र सिंह जामुदा ने अंजाम दिया है, जो सोनारी का रहने वाला है. उसकी निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल में लाये गये लोहे के रॉड और घटना के वक्त पहने गये कपड़ों को भी बरामद कर लिया है. रामचंद्र सिंह जामुदा ने हत्या की बात को स्वीकार किया है. (नीचे देखे पूरी खबर)
बताया जाता है कि लोहे के रॉड से हमला कर हत्या की गयी थी. एसएसपी प्रभात कुमार ने बताया कि जमशेदपुर के एसएसपी का ड्राइवर रामचंद्र सिंह जामुदा ने ही इस हत्याकांड को अंजाम दिया था. मृतका महिला पुलिसकर्मी सविता रानी हेम्ब्रम भी जमशेदपुर एसएसपी ऑफिस में कार्यरत थी. 2014 में नक्सली हमले में सविता रानी हेम्ब्रम के पति कैलाश हेम्ब्रम की मौत हो गयी थी. इसके बाद 2015 में सविता रानी हेम्ब्रम की बहाली पुलिस मे हुई थी. इस बीच 2016 से ही वह जमशेदपुर एसएसपी ऑफिस में पदस्थापित हो गयी. जमशेदपुर एसएसपी ऑफिस ही एसएसपी के चालक रामचंद्र सिंह जामुदा के साथ वह संपर्क में आ गयी. दोनों के बीच प्रेम संबंध हो गये. इसके बाद चालक उसके घर आता जाता था. लेकिन जमशेदपुर एसएसपी के ड्राइवर रामचंद्र सिंह जामुदा को लगने लगा था कि उसकी प्रेमिका का किसी और प्रेमी के साथ भी संबंध है. उसको शक था. बताया जाता है कि इसको लेकर विवाद चल रहा था. 19 जुलाई की रात रामचंद्र सिंह जामुदा सविता रानी हेम्ब्रम के घर गया. वहां वे लोग एक कमरे में थे. (नीचे देखे पूरी खबर)

उसी समय रामचंद्र सिंह जामुदा के साथ सविता रानी हेम्ब्रम के बीच विवाद हो गया, जिसके बाद गुस्से में रामचंद्र सिंह जामुदा ने एक लोहे के रॉड से गुस्से में आकर सविता रानी हेम्ब्रम पर हमला कर दिया, जिससे वह बुरी तरह घायल हो गयी. आवाज सुनकर दूसरे रुम से उसकी बेटी गीता हेम्ब्रम आयी तो उस पर भी उसी लोहे के रॉड से हमला कर दिया. इसके बाद मां भी आयी तो उसकी भी हत्या करने के बाद वह बाहर निकल गया और बाहर से ही घर का ताला बंद करके भाग निकला. बताया जाता है कि रामचंद्र सिंह जामुदा सोनारी कागलनगर का रहने वाला है और वह भी शादीशुदा ही है. बताया जाता है कि इस घटना को लेकर अगल बगल के लोगों को भी कोई आराज इसलिए नहीं आयी क्योंकि घर बंद था और टीवी की आवाज थी जबकि आसपास के घरों में भी रात को एसी वगैरह होने के कारण बंद था, जिस कारण आवाज नहीं आयी होगी. एसएसपी ने बताया कि उस कांड में किसी और की कोई संलिप्तता नहीं है. यह घटना सिर्फ आवेश में उठाया गया कदम है. घटना को अंजाम देने के बाद भी हत्यारा रामचंद्र सिंह जामुदा जमशेदपुर एसएसपी ऑँफिस में चालक का काम करता ही रहता था. लेकिन पुलिस ने शक के आधार पर उसको तत्काल गिरफ्तार कर लिया था. इसके बाद पूछताछ में उसने हत्याकांड का खुलासा कर दिया. प्रेमी रामचंद्र सिंह जामुदा ने बताया कि हत्या को लेकर पहले से कोई योजना नहीं थी. बसक एकाएक यह घटना घटी थी.






