
जमशेदपुर : सरकार बदलते ही यूरेनियम कारपोरेशन ऑफ़ इंडिया लिमिटेड यानि यूसिल के लिए मुश्किलों का दौर शुरू हो गया है. जहां एक पखवाड़े से लगातार यूसिल के विस्थापित और स्थानीय ग्रामीण यूसिल प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है. जहां आए दिन विस्थापित नौकरी और समायोजन के साथ मुआवजा की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं. जहां आज एक बार फिर से बान्दुहुडांग के विस्थापितों ने जिला मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया. इनका कहना है कि जिस उम्मीद और विश्वास के साथ इन्होंने बंधुगोड़ा ओपन कास्ट माइनिंग लिए यूसिल को जमीन दिया था, आज यूसिल प्रबंधन उनके साथ सौतेला व्यवहार कर रही है और अब तक ना ही नौकरी और ना ही उचित मुआवजा ही दिया गया है. इनका कहना है कि कंपनी प्रबंधन मनमाने तरीके से बाहरी लोगों को नौकरी दे रही है जबकि स्थानीय लोग दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर है. हालांकि इन्होंने उपायुक्त को इस संबंध में एक मांग पत्र भी सौंपा है जिसमें विस्थापितों ने साफ कर दिया है कि अगर यूसिल प्रबंधन उनसे किए गए वायदों को पूरा नहीं करती है तो आने वाले दिनों में ओपन कास्ट माइनिंग को पूरी तरह से ठप कर दिया जाएगा. इन्होंने बताया कि लगभग साढे चार सौ से ज्यादा मजदूर यहां काम कर रहे हैं, जिन्हें आए दिन नौकरी जाने का खतरा बना रहता है.







