
जमशेदपुर : जमशेदपुर के तुरामडीह स्थित यूरेनियम कारपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (यूसिल) माइंस के विस्तारीकरण के बाद विस्थापितों दहशत है. इस मामले को लेकर संयुक्त ग्राम सभा के नेतृत्व में ग्रामीण गुरुवार को जमशेदपुर के उपायुक्त से मिलने पहुंचे. इस संबंध में इन लोगों ने उपायुक्त को मांग पत्र सौंपकर कम्पनी प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. प्रभावित लोंगो ने कहा कि ओपन कास्ट माइंस के चल रहे निर्माण कार्य के कारण लोगों के दौरान जो कम्पनी होती है, उससे पूरा इलाका कांप उठता है और लोग भयाक्रांत हो उठते हैं. इसके अलावा इन्होंने साफ कर दिया है कि यूसिल अगर विस्थापितों के पुनर्वास, रोजगार और सीएसआर के तहत किए गए वायदों को पूरा नहीं करती है तो आनेवाले दिनों में उग्र आंदोलन है, मगर पिछले कई सालों से विस्थापितों ओर माइनिंग प्रबंधन के साथ विवाद चल रहा है जो धीरे-धीरे उग्र हो रहा है. संयुक्त ग्राम सभा के अध्यक्ष विक्रम टुडू ने कहा कि यूसिल द्वारा 15 सालों से उनके जमीन पर काम किया जा रहा है. जहां ओपन कास्ट माइनिंग का काम होने और बगैर सुरक्षा मानकों को पूरा किए ब्लास्टिंग से पूरे इलाके के लोगों में जीना मुहाल है. विस्थापित घोड़ांगा, आहरगुटू, डुगरीटोला, केरुवाडुंगरी, भुडरूडीह ओर तालसा गांव के लोगों को परेशानी हो रही है. पूरा इलाका प्रदूषित हो गया है. ब्लास्टिंग के कारण बच्चे स्कूल जाने से घबराते हैं. उन्होने कहा कि अगर 15 दिनों के अंदर कोई कार्रवाई नहीं की गई तो मुख्यमंत्री और राज्यपाल से मिलकर बात रखी जाएगी. उसके बाद ग्रामीण यूसिल के बाहर धरने पर बैठने को बाध्य हो जाएगे. नौबत आई तो कंपनी को बंद करवा देंगे.







