रांची : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के प्रयास का प्रतिफल है कि जमशेदपुर में देश की पहली हाइड्रोजन ईंधन से जुड़े उद्योग की स्थापना होगी. इसको लेकर शुक्रवार को प्रोजेक्ट भवन में 354.28 करोड़ रुपए के निवेश से संबंधित एमओयू पर हस्ताक्षर मुख्यमंत्री की उपस्थिति में संपन्न होगा. एमओयू पर हस्ताक्षर उद्योग विभाग, झारखण्ड सरकार और टीसीपीएल ग्रीन एनर्जी सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड (टीजीइएसपीएल) के बीच होना है. एमओयू के उपरांत जमशेदपुर में देश की पहली हाइड्रोजन ईंधन से जुड़े उद्योग के स्थापना का मार्ग प्रशस्त होगा. मुख्यमंत्री ने 28 जुलाई को मेसर्स टाटा मोटर्स एवं मेसर्स टाटा कमिंस के संयुक्त उपक्रम मेसर्स टीसीपीएल ग्रीन एनर्जी सोल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड (टीजीइएसएल) द्वारा जमशेदपुर, पूर्वी सिंहभूम में हाइड्रोजन इंटरनल कंबशन इंजिन, फ्यूल एग्नोस्टिक इंजन, एडवांस केमिस्ट्री बैटरी, एच2 फ्यूल सेल, एच2 फ्यूल डिलिवरी सिस्टम के निर्माण और उत्पादन के लिए ईकाई की स्थापना हेतु सिंगल विंडो क्लीयरेंस कमिटि एवं हाई पावर कमेटी की स्वीकृति की प्रत्याशा में उक्त निवेश के प्रस्ताव पर मेसर्स टीजीइएसपीएल के साथ एमओयू हस्ताक्षर करने के प्रस्ताव पर सहमति दी थी. इसके तहत 354.28 करोड़ रुपए का निवेश होगा. (नीचे भी पढ़ें)
नवीनतम तकनीक का इसमें उपयोग होगा. झारखण्ड औद्योगिक एवं निवेश प्रोत्साहन नीति 2021 के वर्गीकृत क्षेत्रवार बड़ी परियोजनाओं से प्राप्त होने वाले निवेश तथा प्रत्यक्ष नियोजन के आधार पर ईकाई का वर्गीकरण मेगा श्रेणी के अंतर्गत किया गया है. इस ईकाई की प्रस्तावित क्षमता 4000+ हाइड्रोजन आइसी इंजिन, फ्यूल एग्नोस्टिक इंजिन, 10 हजार से अधिक बैटरी सिस्टम है, इस कार्य में हाइड्रोजन इंजन बनाने की नवीनतम तकनीक का उपयोग किया जाएगा, जिसका लाभ आने वाले समय में पूरे देश को होगा।. हाइड्रोजन ऐसा ईंधन है, जिसकी क्षमता अन्य ईंधनों के अपेक्षा अधिक होती है. इसका एनर्जी लेबल अधिक होता है. यह सस्ता और हल्का होता है. ऐसे में पेट्रोल और डीजल के बीच इसे एक बेहतर विकल्प माना जा सकता है. हाइड्रोजन ईंधन से प्रदूषण को काफी हद तक नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है.



