
रांची : झारखंड सरकार ने झारखंड की राजधानी रांची से सटे तमाड़ के पास स्थित हेठबुढ़ाडीह और हाराडीह मंदिर को जोड़ने वाली कांची नदी पर बने सबसे लंबे पुल के टूटने की जांच के आदेश दे दिये है. करीब 14 करोड़ की लागत से इस पुल का निर्माण करीब 3 साल पहले किया गया था. भाजपा की रघुवर दास की सरकार के वक्त ही इस पुल का निर्माण किया गया था. करीब 600 मीटर लंबे इस पुल का निर्माण के लिए 14 करोड़ रुपये भी दी जा चुकी है, लेकिन यह पुल उदघाटन के पहले ही टूट गया. इतनी बारिश भी बरदाश्त नहीं कर सका और पुल ही टूट गया. इस मामले की जांच के आदेश दिये गये है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आदेश के बाद कांग्रेस नेता और राज्य के ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम ने इस मामले की जांच करने को कहा है, जिसके बाद इस पुल के निर्माण कार्य को देखने के लिए ग्रामीण विकास विभाग के अधीक्षण अभियंता रामाकांत तिवारी मामले की जांच करने के लिए खुद कांची के पुल पर पहुंचे और पुल की बनावट को देखा. यह पुल कांची नदी पर बनायी गयी है, जो बुंडू-तमाड़-सोनाहातू-राहे प्रखंड को जोड़ती है, गुरुवार की दोपहर में ढह गया. सूत्र बताते है कि यहां पर लगभग हर दिन 15 घंटा नदी के पुल के नीचे जेसीबी से खुदाई होता है और सैकड़ों हाईवा और ट्रैक्टर से रांची-टाटा बालू की सप्लाइ किया जाता है. इस कारण यह पुल भी बह गया. (नीचे और खबरें पढ़ें)

सोनुआ-गुदड़ी मेन रोड में निर्माणाधीन पुलिया के पास डायवर्सन की भी होगी जांच
पश्चिम सिंहभूम जिले के चाईबासा में भारी बारिश से सोनुआ-गुदड़ी मेन रोड में पोड़ाहाट गांव के पास निर्माणाधीन पुलिया का डाइवर्सन बह गया था. इसके बाद से सोनुआ प्रखंड के दर्जनों गांवों का सोनुआ मुख्यालय से संपर्क कट गया था. इसके अलावा गुदड़ी प्रखंड के लोढाई और आसपास के दर्जनों गांवों का संपर्क भी सोनुआ से कट गया है. यह मुख्य सड़क सोनुआ से पोड़ाहाट पनसुआं होते हुए लोढाई और गुदड़ी तक जाती थी. अब इस मुख्य सड़क में डायवर्सन बह जाने से लोगों को सोनुआ आने में समस्या हो रही थी. मामले की जांच करने के लिए झामुमो के विधायक शशिभूषण सामद वहां पहुंचे और पूरे मामले को देखा, जिसके बाद उन्होंने मामले में सरकार के उच्चाधिकारियों के साथ बातचीत की, जिसके बाद पूरे मामले की जांच के आदेश दिये गये है. बताया जाता है कि यह पुलिया भी करीब 4 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया था. चक्रवाती तूफान के दरम्यान आए भारी बारिश से पश्चिम सिंहभूम जिले के टोन्टो प्रखंड के नीमडीह में नवनिर्माणाधीन पुल का बेसमेंट धंस गया. शुक्रवार को चाईबासा के विधायक दीपक बिरुवा ने निर्माणाधीन क्षतिग्रस्त पुल का विशेष प्रमंडल के इंजीनियरो की टीम के साथ निरीक्षण किया. वहां देखा कि पानी के तेज बहाव और मिट्टी कटाव के कारण निर्माणाधीन पुल का बेसमेंट धंस गया. विधायक दीपक बिरुवा ने कहा कि जनहित में इस पुल का निर्माण होना आवश्यक है, क्योंकि इस सड़क से कई गांवों को जोड़ती है. पुल बनने से तीन पंचायत पुरनापानी, बामेबासा, नीमडीह के ग्रामीण को सुविधा मिलेगी. टोन्टो मुख्यालय जाने की यह मुख्य सड़क है. विधायक श्री बिरुवा ने एक नये सिरे से पुल निर्माण के लिए आवश्यक कार्यवाही करने का निर्देश इंजीनियरों को दिया. इंजीनियरो की टीम में असिस्टेंट इंजीनियर श्रीधर शंभू रजक, असिस्टेंट इंजीनियर राजू मरांडी, जेई दयाल महतो शामिल थे.





