
पाकुड़ : झारखंड के साइबर क्रिमिनल एक से बढ़कर एक तरीके अपराध के इजाद कर रहे है. पाकुड़ जिला की पुलिस ने एक साइबर क्राइम करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जिसके 8 सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. उनके पास से पुलिस को कई सारी जानकारी हासिल हुई है. इसके तहत करीब 30 लोगों से इन लोगों ने 12 लाख रुपये की ठकगी की है. पाकुड़ के महेशपुर थाना क्षेत्र के ये सारे अपराधी है, जिनको गिरफ्तार किया गया, जिसका खुलासा एसपी मणिलाल मंडल ने संवाददाता सम्मेलन में किया. एसपी ने बताया कि छोटा केंदुआ गांव के रहने वाले अब्दुल राशिद को पुलिस ने साइबर ठगी करते हुए गिरफ्तार किया है, जिसके पास से खाताधारकों का पासबुक, डेबिट कार्ड, आधार कार्ड, सिम कार्ड, मोबाइल और अन्य सामानों के अलावा लैपटॉप और अंगूठे के क्लोन भी बरामद किये है. एसपी के मुताबिक, इस तरह के मामले पहले कभी भी झारखंड में नहीं सामने आये है. बताया जाता है कि पकड़ा गया व्यक्ति अब्दुल राशिद इलाहाबाद बैंक का सीएसपी संचालक था. उसने बताया है कि अब्दुल राशिद गिरोह में कई लोग शामिल है. वे लोग सीएससी यानी कॉमन सर्विस सेंटर का संचालन करते थे. वह लोगों से आधार कार्ड लेता था और साथ ही कागज पर उसके अंगूठे के निशान भी ले लेता था. कागज पर मोम पिघलाकर उस पर खाताधारक के अंगूठे का निशान लेता था. मोम में उठे निशान के ऊपर बाद में फेविकोल और फिक्सिट डाल देता है. फिक्सिट सूखने में लगभग 24 घंटे लगते थे. इसके बाद खाताधारक के अंगूठे के नुशान का क्लोन बन जाता था. ऐसे में सीएससी संचालक अपने सीएससी से खाताधारक के अंगूठे का क्लोन मोरफो में लगाकर और उसका आधार नंबर डालकर उसके खाते से अवैध रुप से पैसे की निकासी कर लेता था. इस गिरोह में करीब 8 अपराधी है, जो 30 लोगों को ठग चुके है और 12 लाख रुपये खाता से निकाल चुके है. पुलिस ने उनके पास से 12 अंगूठे का क्लोन बरामद किया है. इसके अलावा इलाहाबाद बैंक का 140 पासबुक, एसबीआइ का 6 पासबुक, वनांचल बैंक के खाताधारी का एक पासबुक, 7 चेकबुक, 16 एटीएम कार्ड, 3 एसबीआइ डेबिट कार्ड, 43 फिनो बैंक का डेबिट कार्ड, चार मोबाइल, 3 लैपटॉप, 80 पीस सादा पासबुक इलाहाबाद बैंक का, 15 सिमकार्ड और 18 आधार कार्ड बरामद किया है. इस मामले में पुलिस ने अब्दुल राशिद, अजमतुल्लाह अंसारी, सुबोध राय, आलम अंसारी, शिवा राय, बुलबुल अंसारी, टुडूवा अंसारी और अबु ताहिर अंसारी के खिलाफ एफआइ दायर किया है और सिर्फ अब्दुल राशिद को ही गिरफ्तार किया जा सका है.





