
रांची : झारखंड में होली के हुड़दंग पर पाबंदी रहेगी. होली का त्योहार को लेकर किसी तरह का कोई बड़ा गैदरिंग या आयोजन करने पर रोक रहेगी. आपदा प्रबंधन विभाग इसको लेकर तैयारी कर रही है कि किसी तरह इसको रोका जा सके ताकि कोरोना के संक्रमण का दायरा बढ़ने से रोका जा सके. कोरोना को देखते हुए भीड़ नहीं लगायी जाये, इसकी भी कोशिशें तेज कर दी गयी है. इसके तहत बाजारों में होली से संबंधित दुकानों को खुले स्थान पर ज्यादा बड़ा जगह देने को जिला प्रशासन को कहा गया है. वहीं रांची के बाद जमशेदपुर में भी धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लगायी जा सकती है, जिसको लेकर जिला प्रशासन अभी फैसला ले सकती है. वैसे अब तक फैसला नहीं लिया गया है. दूसरी ओर, राज्य सरकार ने पहले ही कह दिया है कि इस साल भी रामनवमी का विसर्जन जुलूस और शब-ए-बारात को लेकर किसी तरह का जुलूस नहीं निकलेगा. रैली के साथ-साथ डीजे और तेज आवाज में गाना बजाने पर भी इन सारे पर्व त्योहार के दौरान रोक रहेगी. 28 मार्च से 30 मार्च तक के लिए रांची में यह पाबंदी लगायी गयी है. राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पहले ही बोल चुके है कि कोरोना काल में थोड़ा संयम तरीके से पर्व और त्योहार मनाना है क्योंकि संक्रमण तेजी से फैल रहा है. (नीचे पढ़े पूरी खबर और देखें वीडियो)
दूसरी ओर, कोरोना के संक्रमण को लेकर दिये गये इस फैसले के खिलाफ भाजपा ने हल्ला बोला है. राज्य सरकार के खिलाफ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने अपना बयान जारी किया है और कहा है कि कोरोना की आड़ में धार्मिक आस्था पर चोट करने का काम लगातार हेमंत सोरेन की सरकार कर रही है. ऐसे में अगर उतना ही संक्रमण को रोकना है तो मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को मधुपुर विधानसभा के उपचुनाव में अपनी सभा नहीं करनी चाहिए, तब ना हम लोग मानेंगे कि संक्रमण को रोकने के लिए सरकार गंभीर है. वहां एक भी सभा या भीड़ लगाने का काम हेमंत सोरेन नहीं करें तो माना जायेगा, लेकिन कोरोना की आड़ में धर्म पर आघात पहुंचाना यह सरासर गलत है.





