संतोष वर्मा

चाईबासा : पत्थलगढ़ी को लेकर पश्चिम सिंहभूम जिले के बुरुगुलिकेरा गांव में हुई नरसंहार के मामले की जांच करने के लिए भाजपा की केंद्रीय टीम पश्चिम सिंहभूम पहुंची. इस टीम को शुक्रवार की सुबह घटनास्थल पर जाना था ताकि वे लोग वस्तुस्थिति को समझ सके और इस पूरे कांड में भाजपा अपना कदम उठायेगी. लेकिन उसके पहले ही जिला प्रशासन ने पूरे गुदड़ी थाना क्षेत्र (जहां घटनास्थल है) में निषेधाज्ञा लागू कर दी. शुक्रवार को पश्चिमी सिंहभूम जिला दंडाधिकारी-सह- उपायुक्त अरवा राजकमल द्वारा भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के तहत शक्ति का प्रयोग करते हुए चक्रधरपुर, सोनुआ एवं गुदड़ी प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत दिनांक 23 जनवरी के अपराह्न 9:00 बजे से दिनांक 26 जनवरी के अपराह्न 9:00 बजे तक निषेधाज्ञा जारी किया गया.
विधि व्यवस्था में लगे पदाधिकारी/कर्मचारी/पुलिस पदाधिकारी/पुलिस बल एवं धार्मिक कार्य/श्मशान घाट पर जाने वाली जुलूस इस निषेधाज्ञा की परिधि से बाहर रहेंगे. उपायुक्त द्वारा जानकारी दिया गया है कि प्रखंड विकास पदाधिकारी गुदड़ी एवं थाना प्रभारी गुदड़ी द्वारा सूचित किया गया कि हाल के दिनों में गुदड़ी प्रखंड के बुरुगुलीकेरा में हुई हत्या मामले में पुलिस द्वारा गठित एसआइटी जांच की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है तथा संबंधित आरोपियों की गिरफ्तारी की सूचना है. इस अवसर पर अवांछनीय तत्वों द्वारा अपने गतिविधियों से गंभीर विधि-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न की जाने की आसूचना प्राप्त है.

फलस्वरूप सार्वजनिक शांति तथा आम जनजीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की पूर्ण संभावना है. उपायुक्त अरवा राजकमल ने बताया कि निषेधाज्ञा लागू रहने तक क्षेत्र में किसी प्रकार का हरवे-हथियार लेकर निकलना या चलना प्रतिबंधित रहेगा. चौक चौराहे पर 4 या 4 से अधिक व्यक्तियों का एकत्रित होना पूर्ण रूप से प्रतिबंधित रहेगा. इस दौरान सक्षम पदाधिकारी से अनुमति प्राप्त किए बिना किसी प्रकार का बैठक, धरना-प्रदर्शन, जुलूस, सभा आयोजित करने एवं ध्वनि विस्तारक यंत्र का व्यवहार करने पर पूर्ण रूप से पाबंदी रहेगी।निषेधाज्ञा के दौरान इसका उल्लंघन करने वाले व्यक्ति पर भारतीय दंड संहिता की धारा 186 के तहत कानूनी कार्यवाही की जाएगी.

इस निषेधाज्ञा के लागू होने के बाद जिला प्रशासन की ओर से भाजपा की पूरी टीम को घटनास्थल पर जाने से रोक दिया गया. पत्थलगढ़ी को लेकर हुए नरसंहार के बाद भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने एक जांच कमेटी बनायी है, जिसको पूरे घटनाक्रम की जानकारी देने को कहा गया है. इस टीम में भाजपा के सांसद समीर उरांव, भारती पवार, पूर्व मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा, जसवंत सिंह भाभोर, गोमती साई और जॉन बारला शामिल है. सभी लोग जब चाईबासा पहुंचे तब जिला प्रशासन की ओर से उनको हिदायत दी गयी कि वे लोग घटनास्थल पर नहीं जाये, जिसके बाद से वे लोग जाना रोक दिये है. हालांकि, निषेधाज्ञा 26 जनवरी तक अभी लगायी गयी है, जिसका विस्तार भी किया जा सकता है. वैसे भाजपा की इस जांच कमेटी को एक सप्ताह में रिपोर्ट देने को कहा गया है.






