मेदिनीनगर (पलामू) : जिले की उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी समीरा एस की अध्यक्षता में बुधवार को समाहरणालय सभागार में जनता दरबार का आयोजन किया गया. जनता दरबार में जिले के विभिन्न प्रखंडों से आये लोगों ने अपनी समस्याओं को डीसी के समक्ष रखा. आम लोगों की बातों को सुनते हुए उपायुक्त ने मौके पर ही संबंधित विभाग के पदाधिकारियों को आवेदनों की प्रति अग्रसारित करते हुए त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई 15 दिनों के भीतर सुनिश्चित करने की बात कही.जनता दरबार में सतबरवा के पोलपोल से आयी मनमती देवी ने डीसी को बताया कि उनके पति की मृत्यु 22 जुलाई 2023 को हो गयी थी. उन्होंने उपायुक्त को बताया कि उनके पति के बीमा का पैसा एसबीआई के कृषि विकास शाखा, सतबरवा में कटता था लेकिन पति के देहांत होने के बाद कई बार बीमा के पैसे की निकासी के लिये बैंक को आवेदन देने के बावजूद अभी तक बीमा का पैसा नहीं दिया गया है.(नीचे भी पढे)
उन्होंने डीसी से इन्सुरेंस के पैसा दिलाने हेतु अनुरोध किया. डीसी ने उक्त आवेदन को व्हाट्सएप के माध्यम से एलडीएम को फारवर्ड करते हुए उचित कार्रवाई करने की बात कही. इस तरह पांकी से आयी फातमा खातून ने कहा कि विगत सात सालों से अपने भूमि के सीमांकन कराने हेतु दौड़ लगा रही हूं. कई बार सीमांकन हेतु आवेदन किया,कई बार अमीन स्थल पर भी आये, लेकिन मेरे विपक्षी द्वारा अमीन को सीमांकन करने से रोक दिया जाता है. इस प्रकार विगत 7 सालों से मेरे जमीन का सीमांकन नहीं हो पाया है. इसी क्रम में नगर उंटारी रोड से आये रुद्र प्रताप सिंह ने मुरमकलां पंचायत में मनरेगा योजनाओं में भारी अनिमितताओं बरते जाने व अवैध राशि की निकासी किये जाने को लेकर शिकायत की. इसी तरह हैदरनगर के इंदु देवी ने बताया कि उनका कच्चा मकान बारिश के कारण गिर गया है. उन्होंने बताया कि पिछले 5 सालों में कई बार आवास हेतु आवेदन किया, बावजूद इसके आज तक आवास का लाभ प्रदान नहीं किया गया है. उन्होंने डीसी से आवास का लाभ प्रदान किये जाने का अनुरोध किया.
जनता दरबार में बड़ी संख्या में पहुंचे थे फरियादी:उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी समीरा एस के जनता दरबार में बड़ी संख्या में फरियादी अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे. फरियादियों ने राजस्व संबंधी, जमीन विवाद, सार्वजनिक रास्ता रोकने, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, पेंशन, शिक्षा, ट्रांसफर एवं अन्य समस्याओं से संबंधित आवेदन दिए. उपायुक्त ने प्रत्येक आवेदन को गंभीरता से समझते हुए संबंधित पदाधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए.



