मेदिनीनगर : विश्व साइकिल दिवस के अवसर पर बेरोजगार संघर्ष मोर्चा के जिला कार्यालय में एक विचार गोष्ठी आयोजित की गई. कार्यक्रम की अध्यक्षता मोर्चा अध्यक्ष उदय राम ने की. संचालन संजय कुमार ने किया. इस मौके पर मोर्चा अध्यक्ष उदय राम ने कहा कि भारत की आर्थिक तरक्की में साइकिल ने बहुत अहम भूमिका निभाई है. आज़ादी के बाद से ही साइकिल देश में यातायात व्यवस्था का अनिवार्य हिस्सा रही हैं खास तौर पर 1960 से 1990 तक भारत में ज्यादातर परिवारों के पास साइकिल थी. यह व्यक्तिगक यातायात का किफायती साधन था. डाक विभाग में पूरा तंत्र ही साइकिल के बूते चलता था. आज भी पोस्टमैन साइकिल से ही चिट्ठियां बांटते हैं. चीन के बाद आज भी भारत दुनिया में सबसे ज्यादा साईकिल बनाने वाला देश है. उदय राम ने कहा कि साइकिल पर्यावरण हितैषी वाहन है. (नीचे भी पढ़ें)
इससे यातायात में प्रदूषण फैलता नहीं है. साथ ही साथ पेट्रोल व डीजल खर्च नहीं होने से आर्थिक बचत होती है. संयुक्त राष्ट्र संघ ने 3 जून 2018 से साइकिल दिवस मनाने का निर्णय लिया है. साईकिल चलाना व्यायाम है। साइकिल चलाने से कई बीमारी से भी निजात मिलती है. मोर्चा अध्यक्ष उदय राम ने कहा कि साईकिल बिना पेट्रोल, डीजल, बिजली बैट्री के बिना सिर्फ़ हवा पर चलने वाला वाहन सच में आत्मनिर्भर भारत का सबसे पुराना ब्रांड एंबेसडर है. साईकिल कभी घर घर की शान हुआ करता था. इस अवसर पर कृष्णा राम, जयपाल मोची, पूरण उरांव, राहुल कुमार, दीपक कुमार, शिवनारायण साव, संतोष विश्वकर्मा, सतीश दुबे, गोपाल चौधरी, रामनरेश महतो, सहित कई लोग उपस्थित थे.







