
सरायकेलाः वैश्विक त्रासदी कोरोना महामारी के तीसरे लहर को लेकर पूरा विश्व हलकान है. लेकिन भारत के सियासतदानों और हुक्मरानों को इसकी परवाह नहीं है. खासकर झारखंड की अगर हम बात करें तो यहां की सियासत दूसरे राज्यों से भिन्न नजर आएंगी. आपको याद दिला दें अभी दो दिन पूर्व जब कांग्रेस के नव नियुक्त प्रदेश अध्यक्ष और कार्यकारी अध्यक्षों के स्वागत में रांची में कांग्रेसियों ने एअरपोर्ट पर स्वागत किया था उस वक्त विपक्षी दल यानी भाजपा ने कांग्रेस और राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कोरोना फैलाने के लिए जिम्मेदार बताया था. अभी दो दिन नहीं बीते कि सोमवार को विपक्ष यानी भाजपा भी उसी राह पर नजर आयी. जी हां पहले आप इस तस्वीर को देखिये.

यह भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं का हुजूम है जो सरायकेला- खरसावां जिले में आयोजित भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के सम्मेलन में पहुंचने से पूर्व राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी के स्वागत में जुटी है. इसमें आप साफ देख सकते हैं कि कहां कोविड प्रोटोकॉल का पालन किया गया. इसके लिए क्या भाजपाई जिम्मेदार नहीं होंगे ?
चलिए अब हम आपको इसी जिले की दूसरी तस्वीर दिखाते हैं. यहां प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष बनने पर पहली बार जिला पहुंचीं सिंहभूम सांसद गीता कोड़ा के स्वागत में कांग्रेसियों ने एकबार फिर से कोविड प्रोटोकॉल तोड़ा. हालांकि इस दौरान राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा भी मौजूद रहे.

अब तीसरी तस्वीर भी आपको इसी जिले की हम दिखाते हैं. मगर इस तस्वीर में न भाजपा के नेता है, न कांग्रेस के, बल्कि इस तस्वीर में सत्ताधारी दल झामुमो के नेता और कार्यकर्ता आपको नजर आएंगे. ये माननीय टाटा के खिलाफ आंदोलन के लिए जुटे थे मगर आंदोलन यह कहकर इनके द्वारा स्थगित कर दिया गया कि टाटा ने सभी शर्ते मान ली हैं अब हम विजय सभा कर रहे हैं. सभा या प्रदर्शन हुए मतलब कोविड प्रोटोकॉल टूटा ! अब कौन किसको दोषी ठहराए ये तय आपको करना है. वैसे जिले के उन अधिकारियों को भी जरा इन तस्वीरों पर गौर फरमाने की जरूरत है. क्योंकि कोरोना त्रासदी के दौर में अधिकारी सरकार से मिले शक्तियों के तहत केवल तस्वीरों को देखकर कई लोगों पर मामला दर्ज करा चुके हैं.




