
जमशेदपुर : पूरे झारखंड के सिख समुदाय की ओर से उनकी नुमाइंदगी करने वाली संस्था झारखंड गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी एवं झारखंड के कोल्हान कमिश्नर की संस्था सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जिला उपायुक्त द्वारा ज्ञापन सौंपा गया. ज्ञापन के माध्यम से बीते शनिवार को हुई सबसे बड़ी तीर्थ स्थान पर श्री दरबार साहब स्वर्ण मंदिर में शाम के पूजा पाठ के समय एक अज्ञात युवक पवित्र श्री गुरु ग्रंथ साहब के समीप पहुंचा और वहां रखी उसने कृपाण उठा ली. वहीं मीडिया एवं अन्य माध्यम से मिली जानकारी के अनुसार उस युवक को सेवादार स्वयंसेवक कार्यालय में ले गए और पूछताछ किया गया, बाद में उसकी मौत की जानकारी मिली. ऐसी ही एक दुखदाई घटना पंजाब के कपूरथला के गांव में हुई है. इन घटनाओं से झारखंड के समस्त सिख मर्म आहत हैं और इनकी निंदा करते हैं. उनकी मांग है कि इसकी जांच एनआईए से करवाई जाए. वहीं पूर्व में 1984 का सिख संहार एवं पंजाब के बरगाड़ी तथा अन्य स्थानों में श्री गुरु ग्रंथ साहिब अथवा धार्मिक प्रतीक चिन्हों के साथ छेड़छाड़ हुई है. इसमें दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए. (नीचे पढ़ें पूरी खबर)
प्रमुख मांग-
-किसी भी धर्म के अस्मिता पहचान आदर्श मान सम्मान के प्रतीक यथा, श्री गुरु ग्रंथ साहिब, रामायण रामचरितमानस श्रीमद्भगवद्गीता, कुरान शरीफ, बाइबल के साथ कोई बेअदबी करता है तो उसके लिए 10 साल कैद की सजा का प्रावधान किया जाए.
-मंदिर गुरुद्वारा , चर्च, मस्जिद, जनजाति के उपासना स्थल जाहेर स्थान को किसी प्रकार से नुकसान पहुंचाता है, तो उसके लिए 5 साल या अधिक अवधि के सजा का प्रावधान किया जाए,
-सोशल मीडिया के माध्यम से धार्मिक आस्था को चोट पहुंचाता है उसके लिए भी 5 साल से अधिक अवधि का सजा का प्रावधान किया जाए.
-धार्मिक मामलों के लिए अलग से स्पेशल कोर्ट बनाए जाएं और इसके साथ धार्मिक मूल्यों सिद्धांतों से परिपूर्ण व्यक्ति को ज्यूरी में शामिल किया जाए, जिससे आरोपी व्यक्ति को कानून के समक्ष बेगुनाही साबित होने का मौका मिले.
-हमारा महान भारत में विविध धर्म, भाषा, वर्ण, विचार, विरासत, परंपरा,खानपान, संस्कृति, पहनावा है परंतु यह अनेकता में एकता को समेटे हुए है। इसकी विलक्षणता को बनाए रखने के लिए पाठ्यक्रम में सभी धर्मों नीतियों मूल्यों सिद्धांतों की जानकारी दी जानी चाहिए,
-पंजाब की घटनाओं के साथ ही देश में कहीं भी धार्मिक प्रतीकों के साथ यदि छेड़छाड़ हुई है तो उन घटनाओं की जांच जांच एजेंसी एनआईए से करवाई जाए.






