लोहरदगा : झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग के प्रवक्ता वारिस कुरैशी ने कहा है कि लोहरदगा जिला अपने प्राकृतिक सौंदर्य व बॉक्साइट उत्खनन के साथ ही पलायन, बेरोजगारी एवं अभावग्रस्त जिला के रूप में जाना जाता है। क्षेत्र के दानवीर सह तत्कालीन सांसद शिव प्रसाद साहू के अथक प्रयास से लोहरदगा 37 साल पहले सब डिवीजन से जिला में तब्दील हुआ था, लेकिन जो सुविधाएं इस जिला को प्राप्त होनी चाहिए थी वह आज तक नहीं हो पायी हैं। वर्तमान में लोहरदगा के स्थानीय विधायक सह झारखंड कैबिनेट के मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव मंत्री पद शपथ लेने के बाद पहली बार उनका लोहरदगा आगमन हो रहा है। उन्होंने झारखंड के राज्यसभा सांसद धीरज प्रसाद साहू से निवेदन किया है कि लोहरदगा जिला को एजुकेशनल हब बनाया जाए. यहां इंजीनियरिंग कॉलेज एवं मेडिकल कॉलेज जैसे संस्थान की स्थापना की जाये, ताकि यहां के लोगों को गुणवत्ता एवं रोजगार परक शिक्षा के साथ-साथ रोजगार के अवसर मिल सके। क्षेत्र में पर्यटन के असीम संभावनाएं हैं अगर इस क्षेत्र को पर्यटन के रूप में विकसित किया जाता है तो दूर-दूर से लोग लोहरदगा के पर्यटन स्थलों को देखने के लिए आएंगे। इससे भी रोजगार के अवसर काफी बढ़ जाएंगे। क्योंकि लोहरदगा पूरी तरीके से सौंदर्य अपने आप में समेटे हुए है, जिसकी झांकी केवल झारखंड की राजधानी ही नहीं भारत की राजधानी में भी लोहरदगा के फॉल एवं पहाड़ों की तस्वीरें लगाई जा चुकी है। कुरैशी ने मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव एवं राज्यसभा सांसद धीरज प्रसाद साहू से निवेदन किया है कि इन विषयों पर गंभीरतापूर्वक विचार कर इस दिशा में पहल करें, ताकि लोहरदगा में रोजगार के अवसर बढ़ाये जा सके। पलायन रोका जा सके एवं तकनीकी शिक्षा के साथ रोजगार परक शिक्षा का अवसर यहां की जनता को प्रदान किया जा सके।






