जमशेदपुर : टाटा संस के पूर्व चेयरमैन रतन टाटा द्वारा अपनी संपतियों के नियोजन के उद्देश्य से बनाये गये निजी ट्रस्ट रतन टाटा एंडोमेंट ट्रस्ट में नयी इंट्री हो गयी है. रतन टाटा के सौतेले भाई और टाटा ट्रस्ट के चेयरमैन नोएल टाटा, उनकी सौतेली हनें शिरीन और डियाना जीजीभाय को भी इंट्री दी गयी है. इसके अलावा टाटा समूह के दो और अधिकारी जमशेद पोंचा और आरआर शास्त्री को भी इस ट्रस्ट में जगह दी गयी है. अंग्रेजी वित्तीय अखबार के मुताबिक, यह नियुक्ति मौजूदा ट्रस्टी डेरियस खंबाटा और प्रमित झावेरी की ओर से की गयी है. नोएल टाटा ही टाटा ट्रस्ट के चेयरमैन है और उनकी दोनों सौतेली बहनें रतन टाटा के वसीयत (विल) को निष्पादन करने वाले में शामिल है, जिसको एक्जीक्यूटर कहा जाता है. (नीचे भी पढ़ें)
दोनों बहनें डियाना और शीरीन जिजिभाय रतन टाटा के वसीयत का अध्ययन करने के बाद हाईकोर्ट की मंजूरी के बाद जो हकदार है, उसको वितरित कर सकती है, जिसके लिए रतन टाटा द्वारा मरने के पहले ही अपनी नियुक्ति की गयी थी. वैसे कोई कानून उन बहनों को रतन टाटा एंडोयमेंट ट्रस्ट में जाने से रोकता नहीं है, जिस कारण उनको भी इंट्री दी गयी है. रतन टाटा के वसीयत के मुताबिक, सारी संपतियों का वितरण किया जाना है. प्रोबेट और हाईकोर्ट से मंजूरी मिलने के बाद इसका वितरण किया जायेगा, जिसमें अभी करीब 6 माह का वक्त लग सकता है. इस बीच में यह नयी नियुक्ति हो चुकी है, जिसके बाद रतन टाटा की संपत्तियों का वितरण होना भी शुरू हो जायेगा.



