
जमशेदपुर : रेड क्रॉस सोसाइटी, पूर्वी सिंहभूम ढाई महीने कोरोना संकट के दौरान लोगों को खाद्य संकट एवं भूख से निजात दिलाने के सफल अभियान के साथ साथ अब बरसात, बरसाती बिमारियों तथा नगर में आने वाले फ्लश फ्लड (बाढ़) की आपदा से निपटने की तैयारी में जुट गया है। इसके लिए कोरोना संकट के दौरान सक्रिय भोलेंटियर्स को विशेष रूप से तैयार किया जा रहा है। बाढ़ आपदा प्रबंधन के साथ साथ कोरोना आपदा पर भी विशेष रूप से नजर रखा जायेगा। उपायुक्त सह अध्यक्ष रेड क्रॉस रवि शंकर शुक्ला के नेतृत्व में कोरोना संकट के दौरान जहां 11931 परिवारों के 76455 लोगों को सूखा राशन का फूड पैकेट पहुंचाया गया, वहीं 50 हजार बच्चों को प्रोटिन, विटामीन और जरूरी मिनरल्स युक्त रेडी टू यूज फूड सप्लीमेंट उपलब्ध करवाया गया। टाटा स्टील तथा इस्कॉन के सहयोग से प्रतिदिन 40-45 हजार लोगों तक तैयार भोजन (खिचड़ी) वितरित किया गया। रेड क्रॉस द्वारा 51000 बोतल हैण्ड सैनेटाईजर, 5900 मास्क, 300 हैण्ड ग्लोव्स तथा हैण्डवास के लिए 5000 लाईफ ब्वाय साबुन की टिकिया उपलब्ध करायी गयी। जिला पुलिस तथा प्रशासन को 29 थर्मल स्कैनर, 40 पीपीई कीट तथा आर्मी हॉस्पिटल सोनारी को 10 पीपीई कीट प्रदान किया गया। कन्टेन्मेंट एरिया के लिए जिला आपदा प्रबंधन के सहयोग से अतिरिक्त राशन पैकेट पहुंचाया ग्या। कोविड-19 की त्वरित जांच के लिए आधुनिक मशीन खरीद हेतु एम.जी.एम. मेडिकल कॉलेज को रुंगटा माईन्स, रामकृष्ण फाउण्डेशन, जेमीपॉल, एशिया तथा कई अन्य दानदाताओं के सहयोग से 21 लाख रुपये रेड क्रॉस द्वारा प्रदान किया गया। कोरोना लॉक डाउन के दौरान रक्त की कमी दूर करने के लिए जमशेदपुर ब्लड बैंक में 1700 यूनिट रक्तदान करवाया गया। रेड क्रॉस सोसाईटी, पूर्वी सिंहभूम के मानद सचिव विजय कुमार सिंह ने उपरोक्त जानकारी देते हुए आगे बताया कि कोविड-19 से निपटने हेतु रेड क्रॉस भवन में संचालित रिलीफ सेन्टर तथा कन्ट्रोल रूम कोरोना संकट समाप्त होने तक नियमित रूप से संचालित रहेगा।







