
Saraikela : सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया प्रखंड-1 के शिक्षा प्रसार पदाधिकारी कानन पात्र पर उत्क्रमित मध्य विद्यालय जिलिंगगोड़ा में पदस्थापित सहायक शिक्षक चंद्र मोहन चौधरी ने रिश्वत मांगने एवं मानसिक रूप से प्रताड़ित किए जाने का आरोप लगाते हुए जिले के उपायुक्त को एक ज्ञापन सौंपा है. ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने बताया है कि जिले के तत्कालीन जिला शिक्षा अधीक्षक द्वारा 17 जून 2019 को पत्रांक 474 के माध्यम से शहरी दर पर हाउस रेंट एवं किराया भत्ता के लिए सौंपे गए बिल को लेकर गम्हरिया क्षेत्र के 140 शिक्षकों को शो कॉज किया गया था, जिसका जवाब उन्होंने 1 जुलाई 2019 को साक्ष्य के साथ जिला शिक्षा अधीक्षक को सौंपे जाने की बात कही है. वहीं एक साल के बाद 9 सितंबर को प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी के आदेशपाल की ओर से कार्यालय बुलाया गया, उसके बाद 10 सितंबर को उनके कार्यालय पहुंचने पर उन्हें पत्रांक 7 सितंबर 2020 सौंपते हुए 4 लाख 82 हजार 232 भवन एवं यात्रा भत्ता वसूली से संबंधित पत्र देते हुए 50 हजार रुपए की मांग की गयी.
उन्होंने ज्ञापन में जिक्र किया है कि विरोध करने पर प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी द्वारा ऐसे मामलों में एक से डेढ़ साल की नौकरी बचे होने वाले शिक्षकों से 60 से 70 हजार रुपए वसूली का लक्ष्य विभाग के वरीय अधिकारियों द्वारा दिया गया है. आपको 50 हजार रुपए देने ही पड़ेंगे, अन्यथा झूठे मामलों में फंसाकर आपका पेंशन का पेच फंसा दिया जाएगा. साथ ही विभागीय परेशानी भी उठानी पड़ेगी. वैसे सहायक शिक्षक ने और भी कई संगीन आरोप प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी पर लगाए हैं, जिसके लिए जांच कर कार्रवाई किए जाने की मांग उन्होंने उपायुक्त से की है. आपको बता दें कि प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी कानन पात्र को तीन-तीन प्रखंडों का प्रभार दिया गया है. बताया जाता है कि कानन पात्र द्वारा सेवानिवृत्ति के मुहाने पर पहुंचे शिक्षकों को प्रताड़ित कर उनसे मोटी रकम की उगाही कर जिला शिक्षा अधीक्षक के साथ ऊपर तक के अधिकारियों तक पैसे पहुंचाते हैं. इसका जिक्र उपायुक्त को सौंपे गए ज्ञापन में सहायक शिक्षक चंद्र मोहन चौधरी ने किया है. फिलहाल गम्हरिया प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी और सहायक शिक्षक चंद्र मोहन चौधरी के बीच शुरू हुआ शीत युद्ध जिले के शिक्षा विभाग में चल रहे घालमेल की पटकथा का खुलासा के लिए काफी है. वैसे व्यापक पैमाने पर इसकी जांच जरूरी हो चुकी है.







