
गम्हरिया : सरायकेला-खरसावां जिला के गम्हरिया प्रखंड क्षेत्र के डुमरा पंचायत स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र अपने निर्माण के बाद दुल्हन की तरह सज- धज कर तैयार है, मगर विभागीय उदासीनता के कारण 10 वर्ष पूर्व बना यह उप स्वास्थ्य केंद्र अबतक तक स्वास्थ्य विभाग को हैंडोवर ही नहीं हो पाया है. बताया जा रहा है कि अभी भी उक्त भवन में काफी काम होने बाकी हैं. लाखों खर्च कर बना अस्पताल का यह भवन ग्रामीणों के लिए मृगतृष्णा बनकर रह गया है. आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र का यह अस्पताल डुमरा गांव में महज एक शोभा की वस्तु बनकर रह गया है. इसका सबसे बड़ा कारण विभागीय उदासीनता है. यह कैसी विडंबना है कि 10 साल बीत जाने के बाद भी इसे स्वास्थ्य विभाग को हैंड ओवर नहीं किया गया. कोरोना काल में जहां स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर हाहाकार मचा था. वही स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की उदासीनता ने सिद्ध कर दिया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने में सरकार और विभाग कितना संवेदनशील है. (नीचे भी पढ़ें)
इन दिनों सरकार आपके द्वार कार्यक्रम के जरिए सरकार और सरकारी तंत्र जो उपलब्धियां गिना रही है, उसकी हकीकत बयां करने के लिए यह अस्पताल भवन काफी है. वर्तमान में दुल्हन की तरह सजे इस भवन में सन्नाटा पसरा हुआ है. एक छोटे से खंडहरनुमा भवन में स्वास्थ्य कर्मी अपनी उपस्थिति दर्ज करा कर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर लेते हैं. वहीं गम्हरिया प्रखंड की स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी प्रमिला कुमारी से जब इस संबंध में जानकारी चाही तो उन्होंने बताया कि अभी तक विभाग द्वारा भवन हैंडओवर ही नहीं हुआ है. इस वजह से नए भवन में उप स्वास्थ्य केंद्र को चालू नहीं किया जा सका है.





