जमशेदपुर : टाटा मोटर्स के जमशेदपुर प्लांट में स्थायी कर्मचारी मुकुल डुंगडुंग की हुई मौत के मामले को लेकर अब तक शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया गया है. घटना के करीब 24 घंटे बाद भी शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया गया है. बताया जाता है कि मृतक की पत्नी और उनके परिवार ने पूरे मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की है. सुबह में टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन की पहल पर कर्मचारी के परिजनों के साथ मैनेजमेंट के अधिकारियों की बातचीत हुई. कंपनी के नियमों के मुताबिक, करीब एक करोड़ रुपये मुआवजा दिया जायेगा और एक व्यक्ति को स्थायी नौकरी भी दी जायेगी. इसको लेकर मैनेजमेंट के स्तर पर हुई वार्ता के बाद तय किया गया कि उन लोगों को सारी सुविधाएं तो दी जायेगी, लेकिन आंतरिक जांच भी की जायेगी. वैसे इस मामले में अब तक पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गयी है. पुलिस मामले में चुप्पी साधे हुए है. खुद सिटी एसपी समेत अन्य पुलिस पदाधिकारियों ने घटनास्थल का मुआयना भी किया था, लेकिन अब तक इसको लेकर एफआइआर दायर नहीं किया गया है. 24 घंटे बाद कर्मचारी का प्लांट के भीतर ही वर्कप्लेस पर शव मिलने के बावजूद टेल्को पुलिस की चुप्पी बनी हुई है, जो कई सवाल खड़े कर रहा है. वैसे अब तक मौत को लेकर परिवार ने आवेदन नहीं दिया है. दूसरी ओर, इस पूरे मामले की जांच फैक्ट्री इंस्पेक्टर की ओर से की गयी है. इस जांच के दौरान फैक्ट्री इंस्पेक्टर विनित कुमार ने कई पहलुओं को देखा और पूरी घटना की जानकारी ली. फैक्ट्री इंस्पेक्टर ने इस मामले में प्रबंधन का भी जवाब मांगा है ताकि सही तरीके से कार्रवाई की जा सके. अब फिर से इस मामले को लेकर कार्रवाई शुरू की जा रही है.




