जमशेदपुर : टाटा मोटर्स की पूर्व में अधीकृत यूनियन टेल्को वर्कर्स यूनियन के विवाद में एक नया मोड़ आ गया है. यूनियन के पूर्व महासचिव प्रकाश सिंह की याचिका पर हाईकोर्ट के डबल बेंच ने सुनवाई करते हुए फैसला प्रकाश सिंह के पक्ष में दिया है और कहा है कि प्रकाश सिंह और पुरानी कमेटी को हटाकर गुरमित सिंह तोते और अजय भगत को पदस्थापित करने की प्रक्रिया गलत थी और श्रम विभाग ने रजिस्टर बी में इसको दर्ज कर भी गलती की है. न्यायमूर्ति चंद्रशेखर और न्यायमूर्ति रत्नाकर भेगड़ा की डिवीजनल बेंच ने बीते 3 अगस्त को सुनवाई के उपरांत डिटेल अंतिम फैसला इस मामले में सुनाया.
फैसला में कहा गया है कि अमलेश प्रकाश को यूनियन से बाहर निकाल गुरमीत सिंह को महामंत्री और अजय भगत को अध्यक्ष बनाया जाने का रजिस्ट्रार का फैसला गलत था. डिवीजनल बेंच ने डीसी की देखरेख में टेल्को यूनियन का चुनाव कराने का फैसला बिल्कुल सही बताया है. डिवीजनल बेंच गुरमीत सिंह की ओर से दायर याचिका के एक छोटे से अंश को भी कोर्ट ने अलाऊ नहीं किया बल्कि पूरी तरह से खारिज कर दिया है. आपको बता दें कि टाटा मोटर्स की अधीकृत यूनियन टेल्को वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष अमलेश कुमार और तत्कालीन महामंत्री प्रकाश सिंह को हटाकर गुरमित सिंह तोते महामंत्री बन गये थे जबकि अध्यक्ष के तौर पर अजय भगत को पदस्थापित करा दिया गया था. इसके बाद प्रकाश सिंह ने एक याचिका दायर की थी, जिसके बाद यह फैसला आया. हालांकि, अब टाटा मोटर्स के जमशेदपुर प्लांट की अधीकृत यूनियन टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन हो गयी है, जिसके अध्यक्ष गुरमित सिंह तोते बन चुके है जबकि महामंत्री प्रकाश सिंह है. अब इस नये फैसले से इस यूनियन पर क्या असर पड़ेगा, यह देखने वाली बात होगी.





