जमशेदपुर : टाटा स्टील के कर्मचारियों का बोनस समझौता पर शुक्रवार की सुबह हस्ताक्षर हो गया. टाटा स्टील में बेहतर उत्पादन, मुनाफा और प्रोडक्टिविटी होने के कारण पुराने ही फार्मूला के तहत बोनस का समझौता इस साल भी कर दिया गया. बोनस समझौता पर टाटा स्टील के एमडी टीवी नरेंद्रन, टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नु, महामंत्री सतीश सिंह, डिप्टी प्रेसिडेंट शैलेश सिंह समेत तमाम ऑफिस बियररों ने बोनस समझौता पर हस्ताक्षर कर दिया. (नीचे भी पढ़ें) इसे भी देखें : टाटा स्टील में ऐतिहासिक बोनस समझौता हुआ, टाटा स्टील के कर्मचारियों को बोनस दिलाना कितना मुश्किल हुआ, कैसे और क्या लाभ होगा, जानिये टाटा वर्कर्स यूनियन के टॉप थ्री पदाधिकारियों की जुबानी, टाटा स्टील के बोनस को लेकर honeydew-opossum-969929.hostingersite.com/ की संवाददाता अन्नी अमृता ने विस्तार से अध्यक्ष टुन्नु, महामंत्री सतीश और डिप्टी प्रेसिडेंट शैलेश से की बात, देखिये-video-news-youtube पर देखिये-video

समझौता के तहत पुराने बोनस फार्मूला को वर्ष 2023-2024 तक के लिए बढ़ा दिया गया है, जिसके तहत प्रोफिट का 1.5 फीसदी, प्रोफिटेबिलिटी पर प्रोफिट प्रति टन सेलेबल स्टील, प्रोडक्टिविटी प्रति टन क्रूड स्टील का एक व्यक्ति प्रति वर्ष उत्पादन करना और सेफ्टी यानी एलटीआइआर के आधार पर वर्ष 2024 तक का समझौता होगा. इस बार के बोनस समझौता को पुराना फार्मूला के तहत ही दिया गया है. चूंकि, भारत सरकार का कानून है कि 20 फीसदी से ज्यादा बोनस की राशि नहीं दी जा सकती है, इस कारण इस बार 20 फीसदी तक बोनस की राशि दी गयी है, लेकिन उसके ऊपर से हरेक कर्मचारी को 20 फीसदी बोनस के अलावा 20 हजार रुपये एकमुश्त सीधे बैंक एकाउंट में भेज दिया जायेगा. (नीचे भी पढ़ें)

तय फार्मूला के तहत कर्मचारियों को इस बार 317.51 करोड़ रुपये दिया जायेगा. टाटा स्टील ग्रुप के कुल 223710 कर्मचारियों को यह बोनस मिलेगा. सिर्फ जमशेदपुर में 188.64 करोड़ रुपये 12213 कर्मचारियों के बीच बांटे जायेंगे. कोरोना काल में किये गये कर्मचारियों के काम पर खुश होकर कर्मचारियों को गुडविल राशि 20 हजार रुपये प्रत्येक कर्मचारियों को दिया जायेगा, जो बोनस से अलग होगा. चूंकि, बोनस समझौता प्रतिशत के आधार पर नहीं होता है, लेकिन अगर राशि को निकाला जायेगा तो यह 20 फीसदी ही राशि हो रही है. उसके ऊपर से सबको 20 हजार रुपये बोनस मिलने जा रहा है. इसका समझौता शुक्रवार को हो गया. (नीचे भी पढ़ें)

यह है बोनस समझौता :
टाटा स्टील के जमशेदपुर प्लांट ट्यूब समेत में कुल कर्मचारियों की संख्या जो 12558 पिछले साल थी, वह घटकर अब 12213 हो चुकी है. वहीं, बोनस की राशि पिछले साल 270.28 करोड़ रुपये थी, जो इस बार बढ़कर 317.51 करोड़ रुपये इस बार कर्मचारियों के बीच बंटेंगे. सिर्फ जमशेदपुर प्लांट में कर्मचारियों को पिछले साल 158.31 करोड़ रुपये मिला था. इस बार बोनस की कुल राशि 188.64 करोड़ रुपये बांटे जायेंगे. औसतन राशि टाटा स्टील के कर्मचारियों का 1 लाख 26 हजार 66 रुपये पिछले साल था. इस साल कर्मचारियों का औसत बोनस 1 लाख 54 हजार 457 रुपये के अलावा 20 हजार रुपये यानी 1 लाख 74 हजार 457 रुपये मिलेगा. वहीं, अधिकतम ओल्ड सिरीज के कर्मचारियों की राशि पिछले साल 3 लाख 59 हजार 29 रुपये थी. (नीचे भी पढ़ें)

इस साल ओल्ड सीरिज वाले कर्मचारियों को अधिकतम राशि 4 लाख 58 हजार 411 रुपये और 20 हजार रुपये ऊपर से मिलेगा यानी 4 लाख 78 हजार 411 रुपये अधिकतम राशि मिलेगी. एनएस ग्रेड के कर्मचारियों को पिछले साल अधिकतम राशि 92 हजार 910 रुपये थी. इस साल कर्मचारियों को 1 लाख 16 हजार 527 रुपये और 20 हजार रुपये यानी 1 लाख 36 हजार 527 रुपये मिलेगी. पूरा ड्यूटी करने वाले एनएस ग्रेड के कर्मचारियों का न्यूनतम बोनस पिछले साल 34290 रुपये था, जो इस साल बढ़कर 41448 रुपये हो चुकी है, जिसके ऊपर से 20 हजार रुपये अतिरिक्त मिलेगा यानी कुल न्यूनतम बोनस राशि 61 हजार 448 रुपये मिलने जा रहा है. बोनस कर्मचारियों के एकाउंट में इस सप्ताह ही चला जायेगा. (नीचे भी पढ़ें व वीडियो देखें)
टाटा स्टील के इतिहास में इतना ज्यादा बोनस 20 फीसदी से ज्यादा नहीं मिला, टुन्नु एंड टीम ने रचा इतिहास
टाटा स्टील के 117 साल के इतिहास में आज तक 20 फीसदी से ज्यादा बोनस नहीं मिला है. टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नु और उनकी टीम ने लगातार मेहनत कर कर्मचारियों को उनका वाजिब हक दिलाने में कामयाबी हासिल की है. इसको लेकर महामंत्री सतीश सिंह की तार्किक सोच और डिप्टी प्रेसिडेंट शैलेश सिंह के साथ का ही असर देखने को मिला है कि आज इतना अच्छा बोनस हो पाया है. अब तक 20 फीसदी से ज्यादा का बोनस नहीं मिला था. वैसे भी भारत सरकार का कानून कहता है कि किसी भी हाल में 20 फीसदी से ज्यादा का बोनस नहीं दिया जा सकता है.



