
जमशेदपुर : झारखंड सरकार के मुख्य कारखाना निरीक्षक गोपाल कुमार टाटा स्टील के जमशेदपुर प्लांट में हुए ब्लास्ट की घटना की जांच करने के लिए पहुंचे. चीफ फैक्ट्री इंस्पेक्टर के तौर पर उनका यह प्लांट के भीतर हादसा होने के बाद पहला दौरा है. इससे पहले फैक्ट्री इंस्पेक्टर विनित कुमार ने मामले की जांच की थी. इस जांच में कई बातें सामने आयी थी. चीफ फैक्ट्री इंस्पेक्टर ने टाटा स्टील के प्लांट में कोक प्लांट के बैटरी नंबर 6 से लेकर बैटरी नंबर 7 तक की पूरी व्यवस्था को समझने की कोशिश की और मैनजेमेंट का भी पक्ष जाना. अब तक जांच में यह बातें सामने आयी है कि बैटरी नंबर पांच और छह के पाउल पाइप (बेकार पाइप) को डिस्मेल्सिटंग (हटाने या तोड़ना) का काम चल रहा था. बैटरी नंबर पांच के पास स्थित पाइप पर वेल्डिंग कर उसको काटने की प्रक्रिया चल रही थी ताकि उसमें जलजमाव की स्थिति को रोका जा सके, लेकिन वेल्डिंग से निकली चिंगारी सीधे बैटरी नंबर 6 के क्रास ओवर मेन जंक्शन के पास पहुंची और जगह नहीं मिलने पर विस्फोट के साथ धमाका हुआ, जिसके बाद वह उड़कर नीचे गिर गयी, जिसमें एक कर्मचारी घायल हुआ. जांच में यह पाया गया है कि सुरक्षित तरीके से पूरी प्रक्रिया नहीं अपनायी गयी, जिस कारण यह हादसा हुआ है. चूंकि, सुरक्षित तरीका नहीं अपनाया गया, जिस कारण यह हादसा हुआ. आरंभिक जांच में यह भी पाया गया है कि करीब 133 दिनों से पाइपलाइन में ज्वलनशील गैस मौजूद था, जिसकी जानकारी नहीं थी और जब वहां वेल्डिंग किया गया तो उसके संपर्क में आग आ गया, जो जोरदार विस्फोट का बड़ा कारण बना. टाटा स्टील में बैटरी नंबर पांच, छह और सात में कोयले को जलाकर कोक बनाया जाता है, जिसका उपयोग स्टील उत्पादन में होता है. कोयले के जलने से कार्बन मोनो ऑक्साइड समेत कई तरह के ज्वलनशील गैस निकलती है. कंपनी में ऐसा ढांचा बनाया गया है, जिसमें इन गैसों को 1200 एमएम की मोटाइप वाली फाउल पाइप की मदद से बाइ प्रोडक्ट प्लांट तक लाया जाता है, जहां गैस को रिफाइन कर दूसरे प्लांट में ईंधन के रुप में इस्तेमाल किया जाता है. 25 दिसंबर 2021 को बैटरी नंबर 5 और 10 मार्च 2022 बैटरी नंबर 6 बंद हो चुका है. कंपनी प्रबंधन बैटरी नंबर 5 और 6 को जोड़ने वाली फाउल पाइप को बीच बीच में आठ एमएम स्टील की चादर लगाकर गेटवाल की तरह ब्लॉक किया है. बताया जाता है कि फैक्ट्री इंस्पेक्टर विनीत कुमार ने अपनी रिपोर्ट चीफ फैक्ट्री इंस्पेक्टर को दे दी है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जा रही है. यह जरूर रिपोर्ट में कहा गया है कि लापरवाही बरती गयी है, जिस कारण हादसा हुआ. इस तरह का हादसा अगर चालू लाइन में होता तो भयावह स्थिति उत्पन्न हो सकती थी.




