
जमशेदपुर : कहावत है न कि अगर इरादे पक्के और हौसले बुलंद हों तो असंभव कुछ भी नहीं है। दरअसल कहानी है घूमने-फिरने के शौकीन सिदगोड़ा निवासी टाटा स्टील में कार्यरत जूनियर इंजीनियर 29 साल के युवक हिमाद्रि माझी और उनकी धर्मपत्नी कुंतला की, जो बाइक पर सवार हो कर जमशेदपुर से नॉर्थ ईस्ट भारत का सफर कुल 24 दिनों में लगभग 4000 किमी का सफर तय करके सुरक्षित शहर वापस आए। उनकी यात्रा 5 नवंबर को शुरू हुई और 29 नवंबर को खत्म। रास्ते में कई झरनों और पहाड़ियों से गुजर कर सिक्किम की दुर्गम इलाके में वे सफलतापूर्वक अपने 150सीसी गाड़ी लेकर पहुंचे पत्थरो से घिरे बर्फीले रास्ते, ऊंची घाटियां और जबरदस्त ठंड की चुनौतियों को पार करते हुए वे 17800 फीट की ऊंचाई पर एशिया के सबसे ऊंचे तालाब में से एक गुरुदोंगमर तालाब और 15000 फीट से ज्यादा ऊंचाई में जीरो प्वाइंट तक पहुंचे। जमशेदपुर से 150सीसी अपनी बाइक में सवार होकर ये कारनामा करने वाला शायद पहली जोड़ी होगी जो अपने आप में एक कीर्तिमान है। इसके अलावा लगभग पूरा सिक्किम, गुहाटी, शिलॉंग, चेरापूंजी, काजीरंगा तक इन्होंने बाइक सवार कर प्रकृति का आनंद लेने में सफल रहे। (नीचे भी पढ़ें)

उनका पूरा सफर कुछ इस तरह था
जमशेदपुर से आसनसोल -सिलीगुड़ी -मिरिक -नेपाल बॉर्डर -दार्जिलिंग -नामची- रवांगला -पेलिंग -गंगटोक -मनागन -लाचेन -गुरुदोंगमार तालाब -लाचुंग -युमथुंग वैली -जीरो प्वाइंट -चांगु -बाबा मंदिर -नाथुला (चीन बॉर्डर) -बुक्सा -गोहाटी -शिलांग -चेरापूंजी- काजीरंगा- कामाख्या और फिर वापस अपने शहर को लोटे। हिमाद्रि इससे पहले भी अपनी बाइक पे काफी दूर तक यात्रा की है । ये पूरा सफरनामा का वीडियो यूट्यूब चैनल एक्सप्लोरर हिमू में आएगा।






