
जमशेदपुर : कोरोना वायरस की महामारी ने देश की स्वास्थ्य सुविधाओं के बुनियादी ढांचा विकास को अति-आवश्यक बना दिया है. इस समय कोविड से लड़ रहे फ्रंटलाइन हेल्थ केयर प्रोफेशनल्स की सहायता के लिए टाटा स्टील समेत टाटा प्रोजेक्ट्स और टाटा कंसल्टिंग इंजीनियर्स और टाटा समूह की अन्य कंपनियों ने केरल के कासरगोड में 5 एकड़ की भूमि पर विकसित किए जा रहे 500 बेड वाले ग्रीन फील्ड अस्पताल प्रोजेक्ट पर एक साथ काम कर चपलता और सहयोगी भावना, दोनों का प्रदर्शन किया है. टाटा प्रोजेक्ट्स और टाटा कंसल्टिंग इंजीनियर्स के डिजाइन विनिर्देशों और इनपुट्स के साथ, टाटा स्टील अस्पताल के अंदर मुख्यत: क्वारेंटीन और आइसोलेशन केबिन, रेस्ट रूम, कैंटीन और अन्य सेवा इकाइयों के रूप में इस्तेमाल किए जाने के लिए मॉड्यूलर प्री-फैब्रिकेटेड कम्प्लीटली बिल्ट यूनिट्स (सीबीयू) की एक पूरी रेंज आपूर्ति कर रही है. ये प्री-फैब्रिकेटेड यूनिट टाटा स्टील के ब्रांड नेस्ट-इन, टय़ूब्स डिवीजन और न्यू मैटेरियल्स बिज़नेस द्वारा देश के आठ मैन्युफैक्चरिंग पार्टनर्स के साथ मिलकर बनाये जा रहे हैं.

टाटा स्टील भारत में पहली बार क्वारेंटीन यूनिट के निर्माण के लिए स्टील के अलावा, फाइबर प्रबलित पलिमर (फाइबर रिइंफोस्र्ड पॉलीमर-एफआरपी) का उपयोग कर रही है. एफआरपी को नए-युग की वैकल्पिक निर्माण सामग्री के रूप में स्थापित किया गया है, जिसमें कई दमदार गुण-धर्म हैं, जो इसे भविष्य के लिए एक व्यवहार्य मास-प्रोडक्शन सॉल्यूशन बनाता है. टाटा स्टील के वाइस प्रेसिडेंट टेक्नॉलॉजी एंड न्यू मैटेरियल बिजनेस डॉ देवाशीष भट्टाचार्जी ने क्वारेंटीन यूनिट के उत्पादन में इस अनूठे प्रोजेक्ट और एफआरपी के सफल प्रयोग पर टिप्पणी करते हुए कहा कि हमारे नेस्ट-इन बिजनेस के पास मॉड्यूलर स्टील टेक्नॉलॉजी निर्मित करने का अनुभव तो था ही, तो दूसरी ओर, हमने इस प्रोजेक्ट में एफआरपी सामग्री का इनोवेटिव उपयोग किया. एफआरपी सैंडविच शीट का उपयोग दीवारों और छत के लिए किया गया. दरवाजे भी एफआरपी से बने थे, जो पारंपरिक विकल्पों की तुलना में अधिक टिकाऊ सामग्री है.

ऑल-स्टील यूनिट के बराबर कीमत रखने के लिए डिज़ाइन को अनुकूलित किया गया. न्यू मैटेरियल्स बिजनेस ने नेस्ट-इन के साथ-साथ प्रोडक्ट एप्लीकेशन ग्रुप व लॉजिस्टिक्स टीम के प्रोफेशनल सहयोग से मिल करकसारगोड को कोविड-19 केबिनों की समय पर आपूर्ति के लिए टाटा स्टील की प्रतिबद्घता को पूरा करने में महत्वपूर्ण समर्थन प्रदान किया. 400 मीटर 2 वाले प्रत्येक क्वारेंटीन यूनिट में पांच बेड और एक वॉशरूम हो सकता है. एफआरपी यूनिट का निर्माण एफआरपी दीवार और छत पैनल के साथ टाटा स्ट्रक्च्यूरा हॉलो सेक्शन का उपयोग कर किया गया है. ये फैक्ट्री-फिटेड इलेक्ट्रिकल और प्लंबिंग सिस्टम के साथ आते हैं. एफआरपी यूनिट कई लाभ प्रदान करते हैं, जैसे-यह हल्का होता है, वजन अनुपात में उच्च शक्ति का होता है और परिवहन के लिए आसान और सस्ता होता है. इसके अलावा, एफआरपी पूरी तरह से जंग-प्रतिरोधक और वेदरप्रूफ है, इसलिए यह एक रखरखाव-मुक्तसेवा जीवन प्रदान करता है. टाटा स्टील के न्यू मैटेरियल बिजनेस के चीफ टीवी श्रीनिवास शेनय ने कहा कि टाटा स्टील हेल्थ केयर सेक्टर के लिए अनुकूलित समान बनाकर हमारी विशेषज्ञता और विशेष उत्पादों के माध्यम से कोविड-19 संकट का मुकाबला करने की दिशा में एक ठोस प्रभाव पैदा करने के लिए काम कर रही है. नवोन्वेषण और सहयोग से संचालित समान बनाना संकट से निपटने के लिए अति-आवश्यक है. टाटा स्टील के सर्विसेज एंड सॉलल्यूशन पोर्टफोलियो का एक हिस्सा ‘नेस्ट-इन’ ने देश भर में क्वारेंटीन और आइसोलेशन केबिनों के सुचारू विनिर्माण और समय पर आपूर्ति को सक्षम किया है. कंपनी भारत के विभिन्न हिस्सों में नेस्ट-इन कोविड-19 यूनिट को स्थापित करने की संभावना का पता लगाने के लिए स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ चर्चा कर रही है. टाटा स्टील के चीफ सर्विसेज एंड साल्यूशन पी आनंद ने बताया कि नेस्ट-इन द्वारा डिज़ाइन और निर्मित किए गए क्वारेंटीन और आइसोलेशन केबिन हमारे प्रयासों का एक प्रमुख पहलू होगा, जो कोविड-19 के उपचार और नियंत्रण के लिए किए गए व्यापक प्रयासों को बढ़ाने के लिए सर्वोत्तम भौतिक बुनियादी ढांचा प्रदान करते हैं. नवोन्वेषण और सहयोग के माध्यम से हमारे विशेषज्ञ प्रोफेशनल्स उन सभी क्षेत्रों के लिए समान बनाने को कटिबद्घ हैं, जिन्हें महामारी के प्रसार को रोकने के लिए समर्थन की आवश्यकता है. टाटा समूह हमेशा सामाजिक रूप से प्रासंगिक पहलों के प्रति वचनबद्घ रहा है और तालमेल, सरलीकरण और पैमाने पर इसका हालियायान, समूह के भीतर कई सहयोगों को प्रोत्साहित कर रहा है. क्वारेंटीन यूनिटों के साथ यह प्रोजेक्ट ऐसी ही एक पहल है और एफआरपी का यह उपयोग, स्टील से परेसामग्रियों के साथ एक अभिनव और टिकाऊ भविष्य की ओर टाटा स्टील की प्रतिबद्घता को आगे बढ़ाता है.





