
जमशेदपुर : टाटा स्टील ने वर्ल्ड इकॉनॉमिक फोरम के ग्लोबल पैरिटी एलायंस (जीपीए) के साथ हाथ मिलाया है ताकि समानता, विविधता और समावेशन पर और बेहतर तरीके से काम किया जा सके. टाटा स्टील की ओर से इन तीनों क्षेत्रों में काफी काम किये गये है, लेकिन इसमें और धार लाने के लिए यह कदम उठाये गये है. जीपीए एक ऐसी संस्था है, जो दुनिया भर समानता, विविधता और समावेशन (diversity, equity & inclusion) पर काम करती है. वर्कप्लेस और अन्य क्षेत्रों में यह संस्था काम करती है. इसकी स्थापना दुनिया भर की बड़ी कंसल्टेंसी संस्था मैकेंजी व कंपनी के साथ संचालित होती है. यह संस्था बेस्ट प्रैक्टिस को अमल में लाने पर कदम उठाया जाता है. टाटा स्टील के एमडी सह सीइओ टीवी नरेंद्रन ने इसके बारे में जानकारी दी गयी कि टाटा स्टील हमेशा से कार्यस्थल को बेहतर बनाने के लिए काम करती आयी है और किसी तरह का मतभेदों को गले लगाते है और एक ऐसी संस्कृति का निर्माण करते हैं, जहां हर कोई हर दिन काम करने के लिए अपने प्रमाणिक स्वयं को ला सके. श्री नरेंद्रन ने कहा कि हमारे समावेश, विविधता और संबंधित यात्रा में, भर्ती, संवेदीकरण, बुनियादी ढांचे, प्रतिधारण और विकास में काम कर रहे हैं. टाटा स्टील के एमडी ने कहा कि इस समझौता से ग्लोबल पैरिटी एलायंस कंपनी को यह समझने में मदद करेगा कि दूरस्थ विनिर्माण और खनन स्थानों में विविध प्रतिभा पुल को कैसे टैप किया जाये और नयी चीजों को सीख सके. टाटा स्टील लैंगिक समानता को बेहतर करने के लिए विशेष तौर पर कदम उठाया जा रहा है. इसके तहत वर्ष 2025 तक कंपनी चाहती है कि 25 फीसदी वर्कफोर्स को महिला और एलजीबीटीक्यूप्लस किया जाये ताकि कंपनी में बेहतर तरीके की विविधता किया जा सके. टाटा स्टील इससे पहले इन कार्यों के लिए काफी जगहों पर सम्मान पा चुके है.






