जमशेदपुर : टाटा स्टील ने 13 अगस्त को आईआईटी भुवनेश्वर रिसर्च एंड एंटरप्रेन्योरशिप पार्क और इंडिया एक्सेलेरेटर के साथ संयुक्त रूप से 6 महीने लंबे टुमारोलैब एक्सेलेरेटर प्रोग्राम की शुरुआत के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए. यह कार्यक्रम सितंबर 2025 से शुरू होगा और स्टार्टअप्स को सशक्त बनाने के लिए एक विशेष रूप से तैयार माहौल प्रदान करेगा, जिससे उनका विकास हो सके, उद्योग जगत से मजबूत जुड़ाव बने और उनके नवाचारों की रफ्तार तेज हो. टुमारोलैब एक्सेलेरेटर प्रोग्राम, नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से फरवरी 2024 में टाटा स्टील और आइआइटी भुवनेश्वर रिसर्च एंड एंटरप्रेन्योरशिप पार्क के बीच हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) के तहत शुरू की जाने वाली पहलों में से एक है. यह कार्यक्रम अकादमिक जगत और उद्योग के बीच की खाई को पाटते हुए स्टार्टअप्स के लिए एक गतिशील माहौल तैयार करने का लक्ष्य रखता है, जहां उन्हें अपने उद्यमशील विचारों को व्यवहार्य और सस्टेनेबल व्यवसाय में बदलने के लिए आवश्यक संसाधन और मार्गदर्शन मिल सके. (नीचे भी पढ़े)
इस कार्यक्रम में आवेदन करने वाले स्टार्टअप्स के पास आदर्श रूप से मिनिमम वायबल प्रोडक्ट (एमवीपी) होना चाहिए और शुरुआती बाजार में अपनी पकड़ प्रदर्शित करनी चाहिए. टाटा स्टील के वीपी टेक्नॉलॉजी, आरएंडडी, एनएमबी और ग्रेफीन सुबोध पांडेय ने कहा कि टाटा स्टील पिछले कई वर्षों से उद्योग और अकादमिक साझेदारों के साथ मिलकर अपनी सस्टेनेबिलिटी की दिशा में कार्य को गति दे रही है. हमें भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम में अपार संभावनाएं दिखाई देती हैं, जहां युवा इनोवेटर्स कुछ सबसे कठिन व्यावसायिक चुनौतियों के समाधान विकसित करने में जुटे हैं. ओडिशा, ‘100 क्यूब’ जैसी पहलों के माध्यम से स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. “टुमारोलैब एक्सेलेरेटर प्रोग्राम भी इसी दिशा में उठाया गया एक और कदम है और इसमें पूर्वी भारत का इनोवेशन हब बनने की अपार संभावनाएं हैं. यह कार्यक्रम देशभर के स्टार्टअप्स के साथ सक्रिय साझेदारी और सहयोग को प्रोत्साहित करेगा. आ़इआइटी भुवनेश्वर, इंडिया एक्सेलेरेटर के सहयोग से, सभी गतिविधियों का केंद्र होगा. (नीचे भी पढ़े)
इस पहल के मुख्य उद्देश्य स्टार्टअप्स के लिए मेंटरशिप, क्षमता-विकास कार्यशालाएं और तकनीकी सहायता प्रदान करना, वित्तीय सहायता, बिज़नेस एडवाइजरी सेवाएं और व्यावसायीकरण के अवसर उपलब्ध कराना, स्टार्टअप्स को रणनीतिक साझेदारियां, व्यवसाय विकास और बाज़ार तक पहुंच दिलाने के लिए आइए और आइआइटी भुवनेश्वर आरइपी के नेटवर्क का उपयोग करना, ओडिशा और उससे आगे के गतिशील उद्यमशील पारिस्थितिकी तंत्र के साथ टाटा स्टील की भागीदारी को मजबूत करना है. यह कार्यक्रम टाटा स्टील के लिए उन स्टार्टअप्स के साथ एक संरचित सहयोग का माध्यम भी होगा, जो उसकी विकास यात्रा से जुड़े क्षेत्रों जैसे पानी, वेस्ट हीट रिकवरी और रोबोटिक्स एवं ऑटोमेशन में कार्यरत हैं. कार्यक्रम के समापन के बाद, कंपनी चयनित स्टार्टअप्स के साथ उपयुक्त समाधानों पर पायलट प्रोजेक्ट करने के लिए सहभागिता करेगी. टाटा स्टील अपने प्रमुख स्टार्टअप एंगेजमेंट प्रोग्राम टुमारोलैब के तहत भारत और अंतरराष्ट्रीय स्टार्टअप इकोसिस्टम के साथ सक्रिय रूप से जुड़कर काम कर रही है. इसका उद्देश्य स्टील वैल्यू चेन और अन्य प्रमुख क्षेत्रों में मौजूद चुनौतियों के लिए नवोन्मेषी समाधान विकसित करना है.



