
जमशेदपुर : टाटा स्टील ने सुरक्षा को देखते हुए कंपनी में गाड़ियों के मूवमेंट को लेकर नियम बना दिया है. दोपहिया वाहनों और बड़े वाहनों के परिचालन की समयसीमा निर्धारित कर दी गयी है. इसको लेकर लोगों में चर्चा का बाजार गर्म है. कर्मचारियों में गुस्सा देखा जा रहा है जबकि कमेटी मेंबरों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. इसको लेकर आदेश निकलने के बाद से ही कमेटी मेंबर और कर्मचारी टाटा वर्कर्स यूनियन ऑफिस पहुंचने लगे. लोगों ने नये समय और नये नियमों का विरोध किया और यूनियन के समक्ष यह मुद्दा उठाया. इस दौरान इन लोगों का कहना है कि कर्मचारी डी शिफ्ट यानी जेनरल शिफ्ट में भी काम करते है. सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक की ड्यूटी में लंच का समय दोपहर 12.30 बजे से दोपहर 1.30 बजे तक होता है. ऐसे कर्मचारी कैसे खाना खाने जा सकेंगे. कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर कमेटी मेंबरों को आना जाना पड़ता है. अगर काम के लिए आना जाना पड़ेगा तो उनको भी पास बनाना होगा, जो आफत हो जायेगा. ऐसे में उनको स्थायी पास की ही अनुमति दे दी जाये. कर्मचारियों और कमेटी मेंबरों का कहना है कि अधिकारी पैसे लेते है, ड्राइवर रखने के लिए पैसे दिये जाते है, लेकिन वे लोग ऐसा नहीं करते है. दोपहिया वाहनों पर ही शिकंजा क्यों कसा जा रहा है, क्यों नहीं चार पहिया वाहनों के लिए यह नियम लगाया जा रहा है. कमेटी में बरों ने दोपहिया वाहनों के लिए मांग की है कि उनको पास अतिरिक्त तौर पर उपलब्ध करा दिया जाये.





