
जमशेदपुर : टाटा स्टील में शनिवार से ही दोपहिया वाहनों और बड़े वाहनों के परिचालन को लेकर समय निर्धारित कर दिया गया है. इसको शनिवार से लागू कर दिया गया है. इसमें चारपहिया वाहनों के परिचालन को लेकर किसी तरह का कोई समय सीमा निर्धारित नहीं किया गया है. शनिवार से लागू कर दिये गये नये टाइमिंग को लेकर टाटा स्टील के स्थायी कर्मचारियों में भारी गुस्सा देखा जा रहा है. इसको लेकर शुक्रवार को ही टाटा वर्कर्स यूनियन जाकर कर्मचारियों और कमेटी मेंबरों ने अपना विरोध दर्ज करा दिया था. कर्मचारियों का कहना है कि 100 साल से अधिक समय से चली आ रही सिस्टम को लेकर कर्मचारियों से किसी तरह की कोई बातचीत तक नहीं की गयी. टाटा वर्कर्स यूनियन ने कैसे इसकी हरी झंडी दे दी. कम से कम कमेटी मेंबरों से तो बात किया गया होता. अंदरखाने सबसे ज्यादा गुस्सा कर्मचारियों में टाटा वर्कर्स यूनियन पर है. कर्मचारियों का मानना है कि जब सारी बातें मैनेजमेंट का यस यानि हां ही करना है और सारे प्रस्तावों को हरी झंडी ही यूनियन की ओर से देना ही है तो फिर यूनियन किस काम की रह गयी है. इसको लेकर कमेटी मेंबरों ने भी अपना विरोध दर्ज कराया है. कमेटी मेंबरों का कहना है कि उनको पास लेकर कई बार आना जाना पड़ेगा क्योंकि कर्मचारियों के काम से और अपने भी काम से उनको आना जाना पड़ता है, अगर इस नियम को सख्ती से लागू कर दिया गया तो उनके ऊपर ही शिकंजा कस दिया जायेगा. जेनरल शिफ्ट की ड्यूटी करने वालों के लिए तो बड़ी समस्या होने जा रहा है क्योंकि उनको जो लंच ब्रेक मिलता है, उस लंच ब्रेक में वे लोग जाते थे, जिस पर पाबंदी लग जायेगी और वापसी तक उनका समय नहीं होगा. प्रैक्टिकल जानकारियां लिये बगैर ही नये नियम को लागू कर दिया गया है, जिसका जोरदार विरोध हो रहा है और इसको लेकर निशाने पर टाटा वर्कर्स यूनियन ही है.
टाटा वर्कर्स यूनियन की रजामंदी के बाद लिया टाटा स्टील मैनेजमेंट ने फैसला
टाटा वर्कर्स यूनियन की रजामंदी के बाद ही टाटा स्टील मैनेजमेंट ने यह फैसला लिया है. बताया जाता है कि पहले से ही यूनियन के पास यह प्रस्ताव दे दिया गया था, जिस पर ऑपरेशन कराने के बाद रेस्ट ले रहे टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नु, महामंत्री सतीश सिंह और डिप्टी प्रेसिडेंट शैलेश सिंह ने इस पर रजामंदी जता दी. शुक्रवार को इसका सरकुलर जारी करने के पहले भी महामंत्री सतीश सिंह और डिप्टी प्रेसिडेंट शैलेश सिंह से जेनरल ऑफिस में मैनेजमेंट ने बातचीत की है जबकि अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नु ऑनलाइन जुड़े थे, जिसमें रजामंदी देने के बाद इसको मंजूरी दी गयी और इस सरकुलर को जारी कर दिया गया.
यूनियन के खिलाफ लोग खुलकर बोलने से परहेज कर रहे है, पर अंदर लगी हुई है आग
टाटा वर्कर्स यूनियन के खिलाफ कमेटी मेंबर या कर्मचारी अपनी नौकरी के डर से कुछ नहीं बोल रहे है, लेकिन यह जंगल में अंदर ही अंदर लगी आग की तरह है, जो पूरे तौर पर फैल रहा है और कर्मचारियों में काफी गुस्सा देखा जा रहा है. हर विभाग, हर सेक्शन में इसका विरोध शुरू हो गया है. यह कहना है कि इसको लेकर रायशुमारी की जानी चाहिए थी. कई विकल्प है. साइकिल लेन, मोटरसाइकिल लेन, कार लेन और बड़े वाहनों का लेन की सुविधाएं कंपनियों में होती है, उस पर भी विचार किया जाना चाहिए था. कार पर किसी तरह की पाबंदी नहीं लगाया गया और दोपहिया पर ही लगाया गया है, जिसका घोर विरोध हो रहा है और कहा जा रहा है कि यह दमन की कार्रवाई है, जिसका हिसाब कर्मचारी जरूर लेंगे
यह है टाटा स्टील में शनिवार से लागू होने वाला नया आदेश और गाड़ियों के मूवमेंट की टाइमिंग
टाटा स्टील में शनिवार से लागू होने वाले नये आदेश और गाड़ियों के मूवमेंट के तहत निश्चित समय में ही दोपहिया वाहनों से लोग आना जाना कर सकेगे. चार पहिया वाहनों पर पाबंदी नहीं लगायी गयी है. मैनेजमेंट का कहना है कि सुरक्षा को देखते हुए यह समय निर्धारित किया गया है ताकि किसी तरह का सड़क हादसा कंपनी के भीतर नहीं हो सके.
टाटा स्टील जमशेदपुर प्लांट में दोपहिया वाहनों के परिचालन का समय :
सुबह 5.30 से सुबह 9 बजे तक
दोपहर 1 बजे से दोपहर 2.30 बजे तक
शाम 4.30 बजे से शाम 7.00 बजे तक
रात 9.30 बजे से रात 10.30 बजे तक
टाटा स्टील जमशेदपुर प्लांट में बड़े वाहनों के परिचालन का समय (इस समय दोपहिया वाहनों का परिचालन नहीं होगा) :
सुबह 9.00 बजे से दोपहर 1 बजे तक
दोपहर 2.30 बजे से शाम 4.30 बजे तक
शाम 7.00 बजे से रात 9.30 बजे तक
रात 10.30 बजे से सुबह 5.30 बजे तक






