
रामगोपाल जेना
चक्रधरपुर : शहर में किसी भी समय एक लाख गैलन पानी की जलापूर्ति ठप हो सकती है। विगत एक 1 साल से एक पंप खराब है, तो अन्य पंप 6 महीने से खराब है। स्थानीय लोगों में इस बात की चर्चा है कि जब से पेयजल स्वच्छता विभाग से नगर परिषद को जलापूर्ति की जिम्मेदारी मिली है तभी से ही यही स्थिति लगातार हो रही है। पूरे शहर में जलापूर्ति अब मात्र एक पम्प (7.5 एचपी) के भरोसे ही चल रहा है। इसकी भी स्थिति चिंताजनक है। सूत्रों की माने तो जो 7.5 एचपी का पम्प है वह भी किसी समय धोखा दे सकता है। मिलाजुला कर देखा जाये तो कभी भी शहर में जलापूर्ति पूरी तरह ठप्प हो सकती है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सम्प में पानी पहुंचाने वाला 5 एचपी का पंप, जो 6 माह से खराब है। उसकी मरम्मत के लिए अब तक किसी प्रकार पहल नहीं हुई है। दूसरी ओर इस बात की भी जानकारी मिली है कि सम्प से टॉवर में चढ़ाने वाले दो पम्प एक साल से खराब हैं। उसमें 10 एचपी और 20 एचपी दोनों ही खराब है। इससे इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि आखिर विभाग जिन्हें जलापूर्ति की जिम्मेदारी मिली है, वह शहर की जनता के प्रति कितना गंभीर है। वह किस प्रकार कार्य कर रहा है। यानी जलापूर्ति व्यवस्था पूरी तरह राम भरोसे चल रही है। उसमें भी गर्मी का मौसम आ ही गया है। अब भी विभाग का इस ओर ध्यान नहीं है, जिस कारण स्थिति और गंभीर होने की संभावना है। वर्तमान में जो जलापूर्ति व्यवस्था है, उसमे एक मात्र सहारा पीएचईडी कॉलोनी में लगा 7.5 एचपी पम्प है। यहां जलापूर्ति व्यवस्था उसी के भरोसे चल रही है। उसकी भी स्थिति काफी चिंताजनक है/ पीएचईडी कॉलोनी में 7.5 एचपी का जो पम्प है वह भी किसी समय धोखा दे सकता है।

किसी अनहोनी को आमंत्रित कर रहा है जलमीनार
पेयजल स्वच्छता विभाग के परिसर में अवस्थित एक लाख गैलन क्षमतावाला वाले जलमीनार की सीढ़ी समेत कई हिस्से गिरने लगे है। अब तो स्थिति यह है कि यहां पर कार्यरत कर्मचारियों में भी भय का माहौल है। उनका मानना है कि जलमीनार की यह स्थिति किसी अनहोनी को आमंत्रित कर रही है, यानी कभी भी किसी दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।







