रामगोपाल जेना/चाईबासा : चाईबासा स्थित पिल्लई हॉल में जिला जल एवं स्वच्छता समिति के तत्वावधान में जल जीवन मिशन के तहत अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस-सह-जल महोत्सव पखवाड़ा के अवसर पर जिला स्तरीय एक दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राजस्व एवं भूमि सुधार तथा परिवहन विभाग के मंत्री दीपक बिरुआ एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में उपायुक्त चंदन कुमार, उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार, जिला पंचायती राज पदाधिकारी सविता टोपनो, गोपनीय प्रभारी कुमार हर्ष, चाईबासा एवं चक्रधरपुर पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता, विभिन्न पंचायतों के मुखिया, सहायक अभियंता, कर्मी और जल सहिया उपस्थित रहे. कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के स थ हुई. इस दौरान जल जीवन मिशन के तहत संचालित पेयजल योजनाओं के बेहतर रखरखाव एवं संचालन के लिए विभिन्न पंचायतों के मुखिया और जल सहिया को सम्मानित किया गया. साथ ही, मंत्री दीपक बिरुआ के नेतृत्व में सभी ने जल संचयन और संरक्षण की शपथ ली. (नीचे भी पढ़ें)

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री दीपक बिरुआ ने कहा कि वर्तमान समय में जल का संरक्षण और संचयन मानव जीवन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है. उन्होंने कहा कि इस दिशा में जागरूकता फैलाने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी जल सहिया की है. उन्होंने कहा कि ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं का निर्माण तो किया गया है, लेकिन कई जगहों पर उचित रखरखाव के अभाव में वे अनुपयोगी हो जाती हैं. इसलिए ग्रामीणों को भी जागरूक होकर इन योजनाओं के संरक्षण और संचालन में सहयोग करना चाहिए. मंत्री ने इस अवसर पर सभी नारी शक्ति को नमन करते हुए कहा कि झारखंड सरकार महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए लगातार कार्य कर रही है और राज्य में महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं. (नीचे भी पढ़ें)

उपायुक्त चंदन कुमार ने सभी को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि 8 मार्च से 22 मार्च 2026 तक जल महोत्सव पखवाड़ा का आयोजन किया जाएगा. उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में जिले के सभी क्षेत्रों में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन लगातार प्रयासरत है. जल स्रोतों के बेहतर संचालन और रखरखाव में पंचायत प्रतिनिधियों और जल सहिया की अहम भूमिका है. (नीचे भी पढ़ें)

कार्यक्रम में चाईबासा पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता विनोद कुमार ने जल महोत्सव पखवाड़ा के संचालन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी. साथ ही जल संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पंचायत प्रतिनिधियों और जलसहिया ने अपने अनुभव साझा किए. इस अवसर पर जल संचयन और संरक्षण पर आधारित लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई, जिससे लोगों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया.







