
जमशेदपुर : टाटा स्टील ने सेफ्टी एक्सीलेंस के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए ‘फेल्ट लीडरशिप प्रोग्राम 2.0’ लांच किया. प्रोग्राम में आगामी सुरक्षा चुनौतियों और पूर्व से मिली सीख पर विचार किया गया है. अब यह प्रोग्राम कर्मचारियों के लिए एक नया व्यवहार-आधारित सुरक्षा मॉडल है. टाटा स्टील के वीपी सेफ्टी, हेल्थ एंड सस्टेनेबिलिटी संजीव पॉल और वीपी कारपोरेट सर्विसेज चाणक्य चौधरी ने औपचारिक रूप से इस प्रोग्राम का उद्घाटन किया. उद्घाटन सत्र में वेस्ट बोकारो, झरिया डिवीजन, नोवामुंडी, रांची और जमशेदपुर कार्यालयों के कॉरपोरेट सर्विसेज (सीएस) के हेड ने हिस्सा लिया. इस अवसर पर चीफ सेफ्टी और चीफ कॉर्पोरेट रिस्पांसिबिलिटी भी उपस्थित थे. अपने अभिभाषण में वीपी एसएचएस श्री पॉल ने कार्यस्थल में सुरक्षा के लिए भागीदारी और प्रतिबद्धता के संदर्भ में मजबूत नेतृत्व की भूमिका पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि यह सीखने का समय है कि हम उन चोटों को कैसे रोक सकते हैं, जिन्हें हम अभी तक रोक नहीं पाये हैं. (नीचे देखे पूरी खबर)

इन सीखों के आधार पर पहल करने, कार्यान्वयन की योजना बनाने और वांछित परिणाम प्राप्त करने का यह सही समय है. उन्होंने इस पायलट पहल के लिए सीएस की टीम को धन्यवाद दिया. वीपी सीएस श्री चौधरी ने कहा कि सुरक्षा एक टॉप-ड्रिवेन इनिशिएटिव है, लीडर संबंधित कार्यस्थलों को चोट-मुक्त बनाने के लिए महत्वपूर्ण हैं. समय आ गया है कि रियल टाईम वर्कप्लेस हैजार्ड पर ध्यान केंद्रित किया जाये और ठोस उपाय सुनिश्चित किये जायें. अपने संबोधन में चीफ सीएसआर ने सभी लीडरों से अपने पेशेवर और निजी जीवन में सुरक्षा को प्राथमिकता देने का आग्रह किया. उन्होंने कहा कि नियमों, एसओपी और मानकों का पालन कर हम अपने वांछित परिणाम प्राप्त कर सकते हैं और इसमें प्रबंधन पूरा समर्थन देगा. चीफ सेफ्टी ने पूरे “फेल्ट लीडरशिप प्रोग्राम 2.0“ की रूपरेखा प्रस्तुत की और 2025 तक की अवधि वाले इस प्रोजेक्ट की व्याख्या की. उन्होंने बताया कि इस प्रोग्राम में लगभग 6,600 अधिकारी और 24,000 अन्य कर्मचारी शामिल होंगे. प्रोग्राम को स्तरवार डिजाइन किया गया है. योग्य और सक्षम प्रशिक्षकों द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा.





