
चाकुलिया : चाकुलिया वन क्षेत्र में गर्मी के दस्तक मात्र से ही जंगलों में आग लगने का सिलसिला शुरू हो गया है. जंगल में आग लगने से हर वर्ष दर्जनों जंगली पशु पक्षियों की मौत होती है, इसके बावजूद वन विभाग आग पर काबू पाने या जंगल में आग लगने से रोकने की दिशा में कोई उपाय नहीं ढूंढ़ सका है.
जंगल में आग लगने से जंगल के पेड़-पौधे झुलस जाते हैं. वहीं विभिन्न प्रकार के वन्य प्रजाति के जीव जंतु की भी मौत होती है. साल जंगल मे आग लगने से साल के रूट भी जलकर नष्ट होते हैं. जंगल में उगे छोटे पौधे भी आग से झुलस कर नष्ट हो जाते हैं. जंगल में आग लगने का मुख्य कारण जंगल में उगे घास और सूखे पत्ते हैं. वन विभाग द्वारा अगर समय पर जंगलों की सफाई करवाई जाये तो कुछ हद तक जंगलों में आग लगने की घटना को रोका जा सकता है.
जंगल में आग लगने से वन्य जीव और पेड़-पौधे तो मरते ही हैं, वन्य पदार्थ से होने वाले राजस्व पर भी इसका प्रभाव पड़ता है. आग की चपेट में आकर जंगल में लगे फलदार वृक्ष भी झुलस जाते हैं, जिससे सरकार को राजस्व का भी नुकसान होता है.







