चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के लगभग 66 स्थानीय लोग जो कि गुजरात में स्थित एक प्राइवेट कंपनी में मजदूरी कर अपनी जीविका चलाते थे, लॉकडाउन अवधि में कंपनी ने उन मजदूरों को अपने हाल पर छोड़ दिया था. आर्थिक तंगी, खाद्यान्न आदि की अनुपलब्धता के कारण उन लोगों ने पैदल चलकर अपने गृह जिला पश्चिमी सिंहभूम तक पहुंचने का मन बना लिया. उसके बाद वे गुजरात से पैदल चलकर मध्य प्रदेश सीमा तक पहुंचे. इस पर संज्ञान लेते हुए सिंहभूम की सांसद गीता कोड़ा ने मध्य प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री, झारखंड कांग्रेस सह प्रभारी उमंग सिंघार को उन लोगों के बारे में जानकारी दी. उसके बाद उनके रहने, खाने आदि की व्यवस्था की गई, जिसमें उनका अहम योगदान रहा. इसके बाद सांसद गीता कोड़ा ने पश्चिमी सिंहभूम जिले के उपायुक्त अरवा राजकमल को मामले की जानकारी देकर मध्य प्रदेश प्रशासन से समन्वय स्थापित कर उक्त मजदूरों को सुरक्षित अपने गृह जिला में लाने की बात कही. वहीं सांसद श्रीमती कोड़ा के अथक प्रयास से उन लोगों को अपने गृह जिला में लाने के लिए दो बसों को भेजा गया. बुधवार को गृह जिला पहुंचने पर सांसद के निर्देश पर कांग्रेसियों ने आईटीआई मैदान पहुंच कर मजदूरों का स्वागत किया, जिसमें जितेन्द्र नाथ ओझा, त्रिशानु राय, मुकेश कुमार, विकास वर्मा एवं राहुल दास शामिल थे. सुरक्षित-सकुशल गृह जिला पहुंचने पर उन लोगों ने सिंहभूम की सांसद गीता कोड़ा को इन विकट परिस्थितियों में सहायता करने के लिए उनके प्रति आभार व्यक्त किया है. वहीं, तत्परता के साथ स्थानीय लोगों को गृह जिले में लाने के लिए सांसद गीता कोड़ा ने जिले के उपायुक्त अरवा राजकमल को धन्यवाद दिया है.







