
जमशेदपुर : भाजपा के नेतृत्व वाली मोदी सरकार से दो सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण का मार्ग प्रशस्त करने के लिए मौजूदा शीतकालीन सत्र में बैंकिंग कानून (संशोधन) विधेयक पेश करने का नोटिस लोकसभा अध्यक्ष को सौंपा है. इसके खिलाफ यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के बैनगर तले बैंककर्मी आज धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं. इसी क्रम में यूनियन के संयोजक कॉमरेड रिंटु रजक ने कहा है ‘हमारा मानना है कि यह संशोधन सिर्फ दो बैंको के नाम पर कर सभी सरकारी बैंको के निजीकरण का रास्ता साफ करने के लिए है’ उन्होंने कहा है कि डीएचएफएल और भूषण स्टील्स सहित 13 बड़े कॉरपोरेट्स के पक्ष में फंसे कर्ज के निपटारे के कारण सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को पिछले दो वर्षों में 2 लाख 84 हजार करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है. “आईबीसी” (इंसोलवेंसी बैंकरप्सी कोड) सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को भारी नुकसान मोदी सरकार द्वारा अपनाई गई ‘समाधान नीति’ का परिणाम है. “एनपीए” हुए लोन खातों को लोन के मूल पूंजी से भी कम रकम लेकर “एनपी” का निपटारा किया जा रहा है, जो आम जनता की गाढ़ी कमाई की लूट है. (नीचे भी पढ़ें)
उन्होंने बताया कि मोदी सरकार से निजीकरण को रोकने का आग्रह करते हुए, यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) नौ बैंक यूनियनों के एकक्षत्र निकाय ने 16-17 दिसंबर को दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है. इस निजीकरण के खिलाफ संघर्ष की कड़ी में आज का धरना बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों द्वारा साकची गोलचक्कर के समीप दिया जा रहा है. इस धरना में एआईबीईए, एनसीबीईए, एआईबीओसी, बीईएफआई, एआईबीओए, इनबेफ, इनबोक के सदस्य शामिल हुए. यूनियन की ओर से बताया गया है कि महिलाओं ने आगे बढ़कर निजीकरण के खिलाफ आयोजित इस धरने में बड़ी संख्या में भाग लिया. आम जनता ने भी निजीकरण के खिलाफ इस धरने में बैठ कर यूएफबीयू को अपना समर्थन दिया. इस धरना में यूएफबीयू के जिला संयोजक कॉम रिंटु रजक, झारखंड प्रदेश बैंक इम्प्लाइज एसोसिएशन के महासचिव कॉम आरबी सहाय, उप महासचिव कॉम हीरा अरकने, कॉम सपन अदख, एनसीबीईए के कॉम आरएनपी सिंह, कॉम रामजी प्रसाद, कॉम विवेक परासर सिन्हा, कॉम रितेश सिंह, कॉम अमृता कुलताज, आईबोक के कॉम सुब्रतो घोष, बेफी के कॉम तापस दास, कॉम डीएन सिंह, एआईबीओए के कॉम गौतम घोष, कॉम बबिता अरकने, महिला सेल की कॉम प्रीति गुप्ता, कॉम सुष्मिता साहू, कॉम श्रुति कुमारी, कॉम अंजलि, कॉम खुशबू मुंडा, कॉम कुलकांत, कॉम प्रेम लाल साहू, कॉम आशीष दत्ता, कॉम दुर्गा लोहरा के अलावा अनेक बैंक कर्मचारी और अधिकारी शामिल हैं.




